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क्या भारत ने श्रीलंका में तूफान प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए मदद पहुंचाई?

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क्या भारत ने श्रीलंका में तूफान प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए मदद पहुंचाई?

सारांश

श्रीलंका में चक्रवात दितवाह के बाद भारत ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। ऑपरेशन सागर बंधु के तहत, एनडीआरएफ और वायु सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में सहायता प्रदान की है, जिससे कई क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बहाल हो सके। जानिए इस राहत कार्य की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

भारत ने श्रीलंका में चक्रवात दितवाह के बाद राहत कार्य शुरू किया।
एनडीआरएफ और वायु सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में मदद की।
भारतीय वायुसेना ने बेली ब्रिज यूनिट्स को भेजा।
फील्ड अस्पताल ने 400 मरीजों को चिकित्सा सेवाएं दीं।
भारतीय उच्चायोग ने राहत कार्यों के बारे में जानकारी साझा की।

कोलंबो, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में चक्रवात दितवाह ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। इस चक्रवात के कारण आई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में सड़कें बुरी तरह से प्रभावित की हैं, जिससे संपर्क मार्ग टूट गए हैं। इसी बीच, भारत द्वारा संचालित ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एनडीआरएफ और वायु सेना ने श्रीलंका में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस संदर्भ में शनिवार को एक अपडेट जारी किया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय वायुसेना का एक और सी-17 ग्लोबमास्टर सड़क संपर्क बहाल करने के लिए बेली ब्रिज यूनिट्स के साथ कोलंबो में उतरा है। इस उड़ान में लगभग 55 टन बेली ब्रिज का सामान, एक जेसीबी और इंजीनियर कोर के 13 जवान शामिल हैं। यह श्रीलंका में बेली ब्रिज यूनिट्स के लिए भेजा जाने वाला तीसरा विमान था।

शुक्रवार को भी भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर सड़क संपर्क को बहाल करने के लिए बेली ब्रिज यूनिट्स के साथ कोलंबो में उतरा था। इस उड़ान में इंजीनियरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम भी शामिल थी।

इससे पहले कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने बताया कि भारतीय वायुसेना द्वारा 3 दिसंबर को एयरलिफ्ट किए गए फील्ड अस्पताल ने अब कैंडी के पास महियांगनया में पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया है। पहले 24 घंटों में, इस अस्पताल ने चक्रवात दितवाह से प्रभावित लगभग 400 मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। 55 छोटी प्रक्रियाएं और एक ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। भारत की चिकित्सा टीमें श्रीलंका के साथ खड़ी हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि जरूरतमंदों को समय पर देखभाल मिल सके।

भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, "ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एनडीआरएफ टीम जीवनरक्षक कार्यों को जारी रखे हुए है। एक दृष्टिहीन वरिष्ठ नागरिक और एक घायल महिला को सुरक्षित निकाला गया और स्थल पर ही इलाज मुहैया कराया गया।"

भारत ने 28 नवंबर को चक्रवात दितवाह के कारण श्रीलंका में आई भीषण बाढ़, जनहानि और व्यापक तबाही के बाद तत्काल खोज एवं बचाव तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया।

ऑपरेशन के तहत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने श्रीलंका पहुंचकर तात्कालिक राहत सामग्री उपलब्ध कराई। दोनों युद्धपोतों से तैनात हेलीकॉप्टरों ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और खोज एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जब भी प्राकृतिक आपदाएँ आती हैं, तो हमारे देश की जिम्मेदारी है कि हम अपने पड़ोसियों की मदद करें। भारत की सहायता इस समय केवल मानवीय दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने श्रीलंका में राहत कार्य कब शुरू किया?
भारत ने 28 नवंबर को चक्रवात दितवाह के बाद राहत कार्य शुरू किया।
ऑपरेशन सागर बंधु का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ऑपरेशन सागर बंधु का उद्देश्य श्रीलंका में राहत और बचाव कार्यों में सहायता प्रदान करना है।
राष्ट्र प्रेस
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