सिल्वर लाइन भूमि अधिग्रहण रद्द: सतीशन सरकार का बड़ा फैसला, प्रदर्शनकारियों पर मामले वापस
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली केरल सरकार ने 20 मई 2026 को अपनी दूसरी कैबिनेट बैठक में विवादास्पद सिल्वर लाइन सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना से जुड़ी समस्त भूमि अधिग्रहण अधिसूचनाएँ औपचारिक रूप से रद्द कर दीं। तिरुवनंतपुरम-कासरगोड कॉरिडोर के लिए पूरे केरल में जारी अधिग्रहण नोटिस निरस्त करने की यह घोषणा पिछली वाम सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना पर एक निर्णायक उलटफेर है।
मुख्य घटनाक्रम
तिरुवनंतपुरम में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा, 'हमने इस परियोजना का शुरुआत से ही विरोध किया था। अब अधिग्रहण के लिए चिन्हित भूमि की अधिसूचना रद्द कर दी गई है।' यह निर्णय नई सरकार के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर लिया गया, जो यूडीएफ के चुनावी वादों की त्वरित पूर्ति का संकेत देता है।
सतीशन ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के सर्वेक्षण के दौरान निजी संपत्तियों पर लगाए गए विवादित पीले सर्वे पत्थर भी हटाए जाएंगे — एक कदम जो प्रभावित भूस्वामियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस
सिल्वर लाइन विरोधी आंदोलन में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने घोषणा की कि उनके खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामले वापस लिए जाएंगे। इसके लिए सरकार न्यायालय में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी। गौरतलब है कि पिछली वाम सरकार के कार्यकाल में परियोजना के विरोध में उतरे सैकड़ों नागरिकों और कार्यकर्ताओं पर विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे।
पर्यावरण और विकास पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिल्वर लाइन परियोजना पर्यावरण के लिए एक संभावित आपदा थी और उनकी सरकार ऐसे विकास कार्यों की पक्षधर है जो लोगों और पारिस्थितिकी को नुकसान न पहुँचाएं। उन्होंने संकेत दिया कि केरल में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी और केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड से जुड़े सभी पहलुओं की जाँच होगी।
अन्य कैबिनेट निर्णय
कैबिनेट ने केरल लोक सेवा आयोग (KPSC) को यह सिफारिश करने का फैसला किया कि 31 अगस्त को समाप्त होने वाली सभी रैंक सूचियों को 30 नवंबर तक बढ़ाया जाए, जिससे हजारों नौकरी अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यूडीएफ के चुनावी घोषणापत्र को सभी विभागों में भेजकर सरकार की दीर्घकालिक 'विजन 2031' योजना के तहत क्रियान्वयन रोडमैप तैयार किया जाएगा। 100-दिवसीय कार्य योजना भी जल्द जारी की जाएगी, जिसमें तत्काल लागू किए जा सकने वाले वादों पर ध्यान केंद्रित होगा।
क्या होगा आगे
सरकार ने विभागीय आवंटन में देरी के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि शपथ ग्रहण की रात ही विभाग तय कर लिए गए थे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को बुधवार को औपचारिक रूप से सौंप दिए गए। यह ऐसे समय में आया है जब नई सरकार अपने पहले सौ दिनों में त्वरित कार्रवाई से जनविश्वास अर्जित करने की कोशिश में है। सिल्वर लाइन परियोजना का औपचारिक समापन और प्रदर्शनकारियों पर मामले वापस लेने की प्रक्रिया अब न्यायालय में अगले चरण में प्रवेश करेगी।