हैदराबाद जल बोर्ड अधिकारी एसए लक्ष्मी कुमार को ₹5.88 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक विशेष अदालत ने बुधवार, 20 मई को हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (HMWSSB) के महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) एसए लक्ष्मी कुमार को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत के आदेश के बाद उन्हें चंचलगुड़ा केंद्रीय जेल भेजा गया।
गिरफ्तारी और अदालती कार्रवाई
एसीबी ने मंगलवार, 19 मई को एसए लक्ष्मी कुमार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जिसके बाद न्यायिक हिरासत का आदेश दिया गया। वे HMWSSB के प्रोजेक्ट डिवीजन-VIII (रेड हिल्स) में महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) के पद पर कार्यरत थे। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
तलाशी में क्या-क्या मिला
1 मई को एसीबी की कई टीमों ने एक साथ नौ स्थानों पर छापेमारी की — जिनमें मल्कापुर स्थित उनका आवास और उनके रिश्तेदारों, मित्रों, बेनामी व सहयोगियों से जुड़े आठ अन्य ठिकाने शामिल थे। तलाशी के दौरान निम्नलिखित संपत्तियों के दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई:
18 एकड़ कृषि भूमि (निज़ामाबाद और संगारेड्डी), छह खाली प्लॉट, तीन फ्लैट और हैदराबाद में एक मकान के दस्तावेज मिले। इसके अलावा ₹1.10 करोड़ नकद, 2.1 किलोग्राम सोने के आभूषण, 9.2 किलोग्राम चांदी का सामान, एक मारुति रिट्ज कार और एक बजाज मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
कुल संपत्ति का आकलन
एसीबी के अनुसार, जब्त और पाई गई संपत्तियों की दस्तावेजी कीमत ₹5,88,55,490 है, जबकि उनका वास्तविक बाज़ार मूल्य इससे कई गुना अधिक हो सकता है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि लक्ष्मी कुमार ने अपनी सेवा अवधि के दौरान कथित तौर पर भ्रष्ट और संदिग्ध तरीकों से अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से परे संपत्ति अर्जित की।
जांच की स्थिति
एसीबी ने बताया कि अतिरिक्त संपत्तियों की जांच अभी जारी है और मामला फिलहाल पूरी तरह जांच के अधीन है। यह मामला तेलंगाना में सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही कार्रवाइयों की कड़ी में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि एसीबी ने हाल के महीनों में राज्य के विभिन्न विभागों में इस तरह की छापेमारी तेज़ की है।