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क्या तेलंगाना में बिजली अधिकारी के ठिकानों पर एसीबी ने छापे मारे और 2 करोड़ जब्त किए?

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क्या तेलंगाना में बिजली अधिकारी के ठिकानों पर एसीबी ने छापे मारे और 2 करोड़ जब्त किए?

सारांश

तेलंगाना में एसीबी ने बिजली विभाग के अधिकारी के ठिकानों पर छापे मारकर 2 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्या यह मामले और भी गंभीर हैं? जानें इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

तेलंगाना में एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
2 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए।
अंबेडकर पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप।
एसीबी ने 15 टीमें भेजकर विभिन्न स्थानों पर छापे मारे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम।

हैदराबाद, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को बिजली विभाग के एक अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को 2 करोड़ रुपए नकद प्राप्त हुए, जिसे जब्त कर लिया गया है।

भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के अधिकारी मंगलवार सुबह से ही सहायक मंडल अभियंता अंबेडकर और उनके रिश्तेदारों के घरों और ठिकानों की तलाशी ले रहे हैं।

हैदराबाद के मणिकोंडा क्षेत्र में एडीई (सहायक मंडल अभियंता) के पद पर कार्यरत अंबेडकर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा की है।

एसीबी की 15 टीमें शहर के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही थीं।

एसीबी अधिकारियों ने अंबेडकर के नाम पर तीन प्लॉटों की पहचान की है। इसके अलावा, गच्चीबावली क्षेत्र में उनकी एक इमारत भी है।

तलाशी के दौरान अधिकारियों ने सोने के आभूषण भी जब्त किए हैं। वे अब इन आभूषणों की कीमत का आकलन कर रहे हैं। साथ ही, अधिकारी अंबेडकर और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं।

यह एक महीने से भी कम समय में एसीबी द्वारा पकड़ी गई आय से अधिक संपत्ति का दूसरा बड़ा मामला है।

इससे पहले 19 अगस्त को एसीबी ने एक तहसीलदार के ठिकानों पर छापा मारा था, जिसमें 5 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति का पता चला था।

अधिकारियों ने वारंगल जिले के वारंगल फोर्ट मंडल में तहसीलदार बांदी नागेश्वर राव से जुड़े सात ठिकानों पर तलाशी ली।

उनके और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान, एसीबी अधिकारियों को कई चल-अचल संपत्तियां मिलीं। इनमें एक मकान जिसकी कीमत 1.15 करोड़ रुपये है, 17.10 एकड़ कृषि भूमि जिसकी कीमत करीब 1.43 करोड़ रुपए है, 70 तोला सोने के आभूषण, 1.791 किलो चांदी, 23 कलाई घड़ियां, दो चार पहिया वाहन, एक दोपहिया वाहन और घरेलू सामान शामिल हैं। एसीबी ने बताया कि दस्तावेजों के अनुसार इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 5 करोड़ 2 लाख 25 हजार 198 रुपए है।

वहीं, 9 सितंबर को हैदराबाद में एक महिला टाउन प्लानिंग अधिकारी को सरकारी काम के लिए 4 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

एसीबी ने नरसिंगी नगरपालिका कार्यालय में नगर नियोजन अधिकारी मनिहारिका को रिश्वत लेते हुए पकड़ा।

उन्होंने भूमि नियमन योजना (एलआरएस) के तहत विनोद नामक व्यक्ति के आवेदन को मंजूरी देने के लिए उससे 10 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। उन्हें 4 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था।

विनोद ने एसीबी में शिकायत की। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश भर में सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी उजागर करती है। हमें एक मजबूत तंत्र की आवश्यकता है जो भ्रष्टाचार को खत्म करने में मदद करे।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसीबी ने क्यों छापे मारे?
एसीबी ने बिजली विभाग के अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप में छापे मारे।
कितना धन जब्त किया गया?
छापेमारी के दौरान 2 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए।
इससे पहले कब भ्रष्टाचार के मामले में छापे मारे गए थे?
इससे पहले 19 अगस्त को एक तहसीलदार के ठिकानों पर छापे मारे गए थे।
क्या अन्य अधिकारी भी पकड़े गए हैं?
जी हां, हाल ही में एक महिला टाउन प्लानिंग अधिकारी भी रिश्वत लेते हुए पकड़ी गई थीं।
क्या इस घटना से भ्रष्टाचार पर कोई असर पड़ेगा?
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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