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जल जीवन मिशन घोटाले में सुबोध अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

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जल जीवन मिशन घोटाले में सुबोध अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

सारांश

राजस्थान में जल जीवन मिशन के 960 करोड़ रुपये के घोटाले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एसीबी ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है।

मुख्य बातें

सुबोध अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
जल जीवन मिशन में 960 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप।
एसीबी ने उनसे 100 सवालों की पूछताछ की।
अग्रवाल ने अपनी सुरक्षा के लिए अलग सेल की मांग की।
जांच अभी भी जारी है।

जयपुर, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान में 960 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले से जुड़े मामले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की स्थिति गंभीर हो गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

एसीबी ने अदालत से उनकी पुलिस कस्टडी बढ़ाने का अनुरोध किया था, लेकिन सुनवाई के दौरान सुबोध अग्रवाल ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एसीबी की मांग को खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान, सुबोध अग्रवाल ने जांच एजेंसी के सभी आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एजेंसी आरोप लगा रही है कि उन्होंने सवालों का उत्तर नहीं दिया है, जबकि उन्होंने हर सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने पूछा, "कौन सा सवाल है जिसका मैंने उत्तर नहीं दिया?"

एसीबी ने सुबोध अग्रवाल से पूछताछ के लिए लगभग 100 सवालों की एक सूची तैयार की थी और पिछले कुछ दिनों में उनसे गहन पूछताछ की गई।

हालांकि, अग्रवाल ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। इस बीच, उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने अदालत में एक अर्जी दाखिल कर अलग सेल में रखने की मांग की है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सुबोध अग्रवाल ने जांच की दिशा पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनके कार्यकाल में वित्त समिति द्वारा जांचे गए 37 मामलों में से केवल 4 ही उनके समय के हैं, जबकि बाकी 33 मामले उनके पूर्ववर्ती के समय के हैं जिनकी राशि करीब 600 करोड़ रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी उन मामलों पर ज्यादा ध्यान दे रही है, जहां कोई धन नहीं लिया गया, जबकि असली गड़बड़ियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान सुबोध अग्रवाल की तबीयत खराब हो गई थी, लेकिन बाद में मेडिकल जांच में उनकी स्थिति स्थिर पाई गई।

वहीं, अदालत ने उनकी एक और अर्जी भी खारिज कर दी जिसमें उन्होंने अपनी सास के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी।

इस समय मामले में जांच जारी है। एसीबी उन वित्तीय निर्णयों की जांच कर रही है, जो सुबोध अग्रवाल के कार्यकाल (अप्रैल 2022 से मई 2023) के दौरान जल आपूर्ति विभाग की वित्त समिति के अध्यक्ष रहते हुए लिए गए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल जीवन मिशन घोटाले का मुख्य आरोप क्या है?
मुख्य आरोप यह है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत 960 करोड़ रुपये का गबन हुआ है।
सुबोध अग्रवाल की हिरासत कब तक चलेगी?
उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
एसीबी ने सुबोध अग्रवाल से कितने सवाल पूछे?
एसीबी ने उनसे पूछताछ के लिए लगभग 100 सवालों की सूची तैयार की थी।
सुबोध अग्रवाल ने अपनी सुरक्षा के लिए क्या किया?
उन्होंने अदालत में अलग सेल में रखने की मांग की है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
क्या सुबोध अग्रवाल ने जांच में सहयोग किया?
उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है।
राष्ट्र प्रेस
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