30 जुलाई 2026
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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और आर्मेनियाई सैन्य प्रमुख की मुलाकात: वायु शक्ति और रक्षा सहयोग पर बड़ी चर्चा

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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और आर्मेनियाई सैन्य प्रमुख की मुलाकात: वायु शक्ति और रक्षा सहयोग पर बड़ी चर्चा

सारांश

भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और CDS जनरल अनिल चौहान ने एक ही दिन आर्मेनिया के सैन्य प्रमुख से अलग-अलग बैठकें कीं — यह फरवरी के चार दिवसीय दौरे के बाद द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और गहरा करने की दिशा में ठोस कदम है।

मुख्य बातें

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान से मुलाकात कर वायु शक्ति सहयोग पर चर्चा की।
CDS जनरल अनिल चौहान ने भी उसी दिन आर्मेनियाई सैन्य प्रमुख से भेंट की; रक्षा उपकरण संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर विचार हुआ।
आर्मेनियाई जनरल स्टाफ प्रमुख को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
फरवरी 2026 में जनरल चौहान के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आर्मेनिया का चार दिवसीय दौरा किया था।
उस दौरे में PM निकोल पशिनयान , रक्षा मंत्री सुरेन पपिक्यान और उप विदेश मंत्री रॉबर्ट अबिसोगोमोनीयन से मुलाकातें हुई थीं।

भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आर्मेनिया के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान से महत्वपूर्ण बैठक की। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच ऑपरेशनल सहयोग, आपसी तालमेल और वायु शक्ति से जुड़े द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

भारतीय वायु सेना के मीडिया कोऑर्डिनेशन सेंटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। वार्ता का केंद्र-बिंदु रक्षा सहयोग, संयुक्त कामकाज और वायु सेना के रिश्तों को सुदृढ़ करना रहा।

उसी दिन लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों के विकास में संयुक्त परियोजनाओं (जॉइंट वेंचर) की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के अनुसार, आर्मेनियाई सैन्य प्रमुख को गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।

फरवरी दौरे से जुड़ी पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2026 में जनरल अनिल चौहान के नेतृत्व में एक भारतीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल ने आर्मेनिया का चार दिवसीय दौरा किया था। उस दौरे में जनरल चौहान ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान से भेंट कर रक्षा और रणनीतिक सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया था।

इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के अनुसार, उस बैठक में बदलते वैश्विक हालात और सुरक्षा चुनौतियों पर विचार साझा किए गए तथा द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। जनरल चौहान ने आर्मेनिया के उप विदेश मंत्री रॉबर्ट अबिसोगोमोनीयन और रक्षा मंत्री सुरेन पपिक्यान से भी अलग-अलग मुलाकातें कीं, जिनमें सुरक्षा स्थिति एवं द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत हुई।

शैक्षणिक और रणनीतिक संवाद

फरवरी के दौरे में जनरल चौहान ने नेशनल डिफेंस रिसर्च यूनिवर्सिटी (NDRU) में फैकल्टी और छात्रों को भी संबोधित किया। उन्होंने वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, तकनीकी परिवर्तन और रक्षा क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों पर अपने विचार साझा किए।

भारत-आर्मेनिया रक्षा संबंधों का महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा कूटनीति को व्यापक बनाने और नए रणनीतिक साझेदार तलाशने की दिशा में सक्रिय है। आर्मेनिया पहले से ही भारतीय रक्षा उपकरणों का एक प्रमुख खरीदार रहा है, और अब दोनों देशों के बीच संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा इस साझेदारी को नई ऊँचाई देने का संकेत है। आने वाले महीनों में इस सहयोग के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब संयुक्त उत्पादन की बात 'बेचने' से 'साझेदारी' की दिशा में बड़ा बदलाव दर्शाती है। हालाँकि, इस क्षेत्र में अज़रबैजान-तुर्की-पाकिस्तान की धुरी को देखते हुए भारत की इस कूटनीतिक सक्रियता के भू-राजनीतिक निहितार्थ भी हैं, जिन पर मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ध्यान नहीं देती।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और आर्मेनियाई सैन्य प्रमुख की बैठक किस विषय पर हुई?
यह बैठक 28 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच ऑपरेशनल सहयोग, आपसी तालमेल और वायु शक्ति से जुड़े द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
CDS जनरल अनिल चौहान और आर्मेनियाई प्रतिनिधि के बीच क्या बात हुई?
CDS जनरल अनिल चौहान ने लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान से रक्षा उपकरणों के विकास में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं और भारत-आर्मेनिया रक्षा संबंधों की प्रगति पर चर्चा की। आर्मेनियाई सैन्य प्रमुख को गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
फरवरी 2026 में भारतीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल ने आर्मेनिया में किन नेताओं से मुलाकात की?
फरवरी 2026 में जनरल अनिल चौहान के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान, रक्षा मंत्री सुरेन पपिक्यान और उप विदेश मंत्री रॉबर्ट अबिसोगोमोनीयन से मुलाकात की थी।
भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
आर्मेनिया भारतीय रक्षा उपकरणों का एक प्रमुख खरीदार है और अब दोनों देश संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। यह साझेदारी भारत की रक्षा निर्यात नीति और रणनीतिक विस्तार के लिहाज से अहम है।
लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान कौन हैं?
लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान आर्मेनिया के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख हैं। वे अप्रैल 2026 में भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली आए, जहाँ उन्होंने भारतीय वायु सेना प्रमुख और CDS से मुलाकात की।
राष्ट्र प्रेस
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