NCB का बड़ा ऑपरेशन: चेन्नई में 200 किलो गांजा जब्त, अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़

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NCB का बड़ा ऑपरेशन: चेन्नई में 200 किलो गांजा जब्त, अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़

सारांश

NCB चेन्नई की टीम ने तेलंगाना पुलिस के साथ मिलकर नल्लूर टोल प्लाजा पर ₹1 करोड़ का 200 किलो गांजा पकड़ा — माल प्लास्टिक कचरे में छिपाया गया था। सरगना नागेंद्रन पर दोहरे हत्याकांड समेत कई मामले दर्ज हैं। ओडिशा से कोयंबटूर के छात्रों तक फैला यह नेटवर्क तीन राज्यों में सक्रिय था।

Key Takeaways

  • NCB चेन्नई जोनल यूनिट ने 26 अप्रैल 2026 को नल्लूर टोल प्लाजा पर 200 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ है।
  • तस्करी में इस्तेमाल आइशर ट्रक जब्त; गांजे को प्लास्टिक कचरे के बीच छिपाया गया था।
  • गिरोह का सरगना नागेंद्रन उर्फ रघु गिरफ्तार; 2022 के दोहरे हत्याकांड समेत कई मामलों में वांछित था।
  • गांजा ओडिशा के मलकानगिरी से लाकर कोयंबटूर के छात्रों को आपूर्ति के लिए लाया जा रहा था।
  • इस वर्ष अब तक NCB चेन्नई ने कुल ₹15.15 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की चेन्नई जोनल यूनिट ने 26 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु के नल्लूर टोल प्लाजा के पास एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 200 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹1 करोड़ बताई जा रही है। इस संयुक्त अभियान में तेलंगाना पुलिस ने भी सहयोग किया और अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ऑपरेशन का विवरण

NCB अधिकारियों ने तेलंगाना पुलिस के साथ मिलकर नल्लूर टोल प्लाजा पर एक आइशर ट्रक को रोका। जांच में पता चला कि गांजे को प्लास्टिक कचरे की खेप के अंदर छिपाकर ट्रक में लादा गया था, ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नज़र से बचा जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि जिस वाहन का उपयोग किया गया, उसे घटना से मात्र दो सप्ताह पहले खरीदा गया था और उसे विशेष रूप से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल करने की योजना थी।

गिरोह का सरगना और आरोपी

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी तमिलनाडु के तूतीकोरिन क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। गिरोह के सरगना की पहचान नागेंद्रन उर्फ रघु के रूप में हुई है, जो तिरुपुर के कुमार नगर का रहने वाला है। अधिकारियों के अनुसार, वह एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में विरुधुनगर जिले में हुए दोहरे हत्याकांड में उसकी संलिप्तता सामने आई थी, जिसमें उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लंबित था। इसके अलावा, 2024 में मदुरै में आर्म्स एक्ट और 2025 में करूर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी उस पर मामले दर्ज हैं।

तस्करी का नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखला

प्रारंभिक जांच के अनुसार, जब्त किया गया गांजा ओडिशा के मलकानगिरी जिले से लाया गया था और आंध्र प्रदेश के रास्ते तमिलनाडु पहुँचाया जा रहा था। यह गिरोह ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सक्रिय था। जांच में यह भी पता चला कि इस खेप का उद्देश्य कोयंबटूर में कॉलेज के छात्रों और कामकाजी युवाओं के बीच आपूर्ति करना था। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत में युवाओं के बीच नशीले पदार्थों की बढ़ती खपत एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।

NCB की वार्षिक कार्रवाई का ब्यौरा

इस वर्ष की शुरुआत से अब तक चेन्नई जोनल यूनिट ने लगभग 1,703.35 किलोग्राम गांजा, 87.64 किलोग्राम हशीश तेल और 1.045 किलोग्राम एम्फेटामिन जब्त किया है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹15.15 करोड़ आँकी गई है। इन मामलों में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, NCB द्वारा पूर्व में दर्ज मामलों में इस वर्ष तीन मामलों में सफल अभियोजन हुआ है, जिसमें आठ आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।

आगे की जांच और जनता से अपील

जांच एजेंसियाँ अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने, वित्तीय लेन-देन का पता लगाने और इस अंतर-राज्यीय सिंडिकेट को पूरी तरह खत्म करने में जुटी हैं। अवैध धन के स्रोत और लेन-देन की जांच भी जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि नशीले पदार्थों की तस्करी या दुरुपयोग से जुड़ी किसी भी जानकारी को मानस – राष्ट्रीय नशीले पदार्थ हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर: 1933) पर साझा करें।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि ओडिशा के मलकानगिरी जैसे दूरदराज़ जिलों से गांजे की आपूर्ति श्रृंखला दशकों से क्यों बाधित नहीं हो पाई। सरगना नागेंद्रन पर 2022 से गिरफ्तारी वारंट लंबित था, फिर भी वह 2025 तक सक्रिय रहा — यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी को उजागर करता है। कोयंबटूर के छात्रों को निशाना बनाने की रणनीति दर्शाती है कि ये नेटवर्क अब ग्रामीण से शहरी शैक्षणिक केंद्रों की ओर स्थानांतरित हो रहे हैं। बिना वित्तीय जांच के केवल जब्ती और गिरफ्तारी से इन सिंडिकेट की जड़ें नहीं कटतीं।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

NCB चेन्नई ने यह ड्रग नेटवर्क कहाँ और कब पकड़ा?
NCB चेन्नई जोनल यूनिट ने 26 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु के नल्लूर टोल प्लाजा के पास तेलंगाना पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की। इस दौरान एक आइशर ट्रक रोककर 200 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
जब्त गांजा कहाँ से आ रहा था और इसे कहाँ पहुँचाना था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार गांजा ओडिशा के मलकानगिरी जिले से लाया गया था और आंध्र प्रदेश के रास्ते तमिलनाडु पहुँचाया जा रहा था। इस खेप का उद्देश्य कोयंबटूर में कॉलेज छात्रों और कामकाजी युवाओं को आपूर्ति करना था।
गिरोह के सरगना नागेंद्रन उर्फ रघु पर क्या-क्या मामले हैं?
नागेंद्रन उर्फ रघु तिरुपुर के कुमार नगर का रहने वाला है और एक आदतन अपराधी बताया जा रहा है। उस पर 2022 में विरुधुनगर दोहरे हत्याकांड में संलिप्तता, 2024 में मदुरै में आर्म्स एक्ट और 2025 में करूर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
तस्करों ने गांजा छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया था?
तस्करों ने गांजे को प्लास्टिक कचरे की खेप के अंदर छिपाकर ट्रक में लादा था ताकि संदेह से बचा जा सके। इस्तेमाल किया गया वाहन घटना से मात्र दो सप्ताह पहले खरीदा गया था और विशेष रूप से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए था।
NCB चेन्नई ने इस वर्ष अब तक कितने नशीले पदार्थ जब्त किए हैं?
इस वर्ष की शुरुआत से NCB चेन्नई जोनल यूनिट ने लगभग 1,703.35 किलोग्राम गांजा, 87.64 किलोग्राम हशीश तेल और 1.045 किलोग्राम एम्फेटामिन जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत करीब ₹15.15 करोड़ आँकी गई है और 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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