चेन्नई पुलिस का ड्रग विरोधी अभियान: 77 गिरफ्तार, 22 किलो गांजा और 38 मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने 14 जून से 20 जून 2026 के बीच चलाए गए सघन स्पेशल एंटी-नारकोटिक्स अभियान में 77 लोगों को गिरफ्तार किया और 38 आपराधिक मामले दर्ज किए। पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज के निर्देशन में चलाए गए इस ऑपरेशन में अवैध ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े वाहन, नकदी और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
यह अभियान चेन्नई के सभी 12 जिलों में एक साथ चलाया गया, जिसमें पुलिस टीमों ने वाहनों की गहन तलाशी ली और संदिग्ध ड्रग तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, इस समन्वित कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ना और चेन्नई में सक्रिय नशीले पदार्थों के नेटवर्क में शामिल व्यक्तियों की पहचान करना था।
जब्त सामग्री का विवरण
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस अभियान में 22 किलोग्राम गांजा, 831 ग्राम मेथम्फेटामाइन, 6 मिलीग्राम अफीम, 2 मिलीग्राम कोकीन और 1,222 नशीली गोलियाँ जब्त की गईं। इसके अलावा, कथित तौर पर ड्रग्स की ढुलाई और वितरण में इस्तेमाल किए जाने वाले कई वाहन भी ज़ब्त किए गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस जब्ती को महानगरीय क्षेत्र में अवैध तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी कामयाबी बताया।
एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट की भूमिका
अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन की सफलता में एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट की भूमिका निर्णायक रही। इस विशेष इकाई ने शहर में सक्रिय संदिग्ध तस्करों और उनके नेटवर्क की पहले से जानकारी जुटाई, जिसके आधार पर पुलिस टीमें सटीक लक्ष्य के साथ कार्रवाई कर सकीं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थानों को सौंप दिया गया है।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह अभियान ग्रेटर चेन्नई पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसमें नशीले पदार्थों के साथ-साथ गुटखा और मावा जैसे प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों पर भी कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि ये उत्पाद सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने घोषणा की है कि ड्रग तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के बैंक खातों और वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि चेन्नई में संगठित ड्रग नेटवर्क की आर्थिक नींव को कमज़ोर किया जा सके। चेन्नई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्रग तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को तत्काल पुलिस के साथ साझा करें और शहर को नशामुक्त बनाने के प्रयासों में सहयोग दें।