10 अगस्त 2026
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चेन्नई पुलिस का ड्रग विरोधी अभियान: 77 गिरफ्तार, 22 किलो गांजा और 38 मामले दर्ज

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चेन्नई पुलिस का ड्रग विरोधी अभियान: 77 गिरफ्तार, 22 किलो गांजा और 38 मामले दर्ज

सारांश

ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने एक सप्ताह के सघन अभियान में 77 तस्करों को दबोचा और 22 किलो गांजा समेत कई नशीले पदार्थ ज़ब्त किए। पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज के नेतृत्व में चले इस ऑपरेशन में 12 जिलों में एक साथ छापेमारी हुई — और अब तस्करों की वित्तीय संपत्तियाँ फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।

मुख्य बातें

ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने 14 से 20 जून 2026 के बीच स्पेशल एंटी-नारकोटिक्स अभियान चलाया।
अभियान में 77 लोग गिरफ्तार और 38 आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
जब्त सामग्री में 22 किलोग्राम गांजा , 831 ग्राम मेथम्फेटामाइन , 6 मिलीग्राम अफीम , 2 मिलीग्राम कोकीन और 1,222 नशीली गोलियाँ शामिल हैं।
अभियान पुलिस कमिश्नर ए.
अमलराज के निर्देशन में चेन्नई के सभी 12 जिलों में चलाया गया।
अधिकारियों ने तस्करों के बैंक खाते और वित्तीय संपत्तियाँ फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की।

ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने 14 जून से 20 जून 2026 के बीच चलाए गए सघन स्पेशल एंटी-नारकोटिक्स अभियान में 77 लोगों को गिरफ्तार किया और 38 आपराधिक मामले दर्ज किए। पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज के निर्देशन में चलाए गए इस ऑपरेशन में अवैध ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े वाहन, नकदी और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए।

मुख्य घटनाक्रम

यह अभियान चेन्नई के सभी 12 जिलों में एक साथ चलाया गया, जिसमें पुलिस टीमों ने वाहनों की गहन तलाशी ली और संदिग्ध ड्रग तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, इस समन्वित कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ना और चेन्नई में सक्रिय नशीले पदार्थों के नेटवर्क में शामिल व्यक्तियों की पहचान करना था।

जब्त सामग्री का विवरण

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस अभियान में 22 किलोग्राम गांजा, 831 ग्राम मेथम्फेटामाइन, 6 मिलीग्राम अफीम, 2 मिलीग्राम कोकीन और 1,222 नशीली गोलियाँ जब्त की गईं। इसके अलावा, कथित तौर पर ड्रग्स की ढुलाई और वितरण में इस्तेमाल किए जाने वाले कई वाहन भी ज़ब्त किए गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस जब्ती को महानगरीय क्षेत्र में अवैध तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी कामयाबी बताया।

एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट की भूमिका

अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन की सफलता में एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट की भूमिका निर्णायक रही। इस विशेष इकाई ने शहर में सक्रिय संदिग्ध तस्करों और उनके नेटवर्क की पहले से जानकारी जुटाई, जिसके आधार पर पुलिस टीमें सटीक लक्ष्य के साथ कार्रवाई कर सकीं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थानों को सौंप दिया गया है।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह अभियान ग्रेटर चेन्नई पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसमें नशीले पदार्थों के साथ-साथ गुटखा और मावा जैसे प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों पर भी कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि ये उत्पाद सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

आगे की कार्रवाई

अधिकारियों ने घोषणा की है कि ड्रग तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के बैंक खातों और वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि चेन्नई में संगठित ड्रग नेटवर्क की आर्थिक नींव को कमज़ोर किया जा सके। चेन्नई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्रग तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को तत्काल पुलिस के साथ साझा करें और शहर को नशामुक्त बनाने के प्रयासों में सहयोग दें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ नेटवर्क के छोटे पुर्जों तक सीमित हैं या सप्लाई चेन के शीर्ष तक पहुँचती हैं। भारत के अन्य महानगरों में ऐसे अभियानों का इतिहास बताता है कि स्ट्रीट-लेवल तस्करों की गिरफ्तारी से नेटवर्क अस्थायी रूप से बाधित होता है, पर जड़ें बरकरार रहती हैं। वित्तीय संपत्तियाँ फ्रीज करने की योजना सही दिशा में कदम है — यदि यह वास्तव में अमल में आई, तो यह पिछले अभियानों से एक महत्वपूर्ण अंतर साबित हो सकती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर चेन्नई पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स अभियान में क्या हुआ?
14 से 20 जून 2026 के बीच चले इस अभियान में पुलिस ने 77 लोगों को गिरफ्तार किया और 38 मामले दर्ज किए। चेन्नई के सभी 12 जिलों में एक साथ चलाई गई इस कार्रवाई में 22 किलोग्राम गांजा, 831 ग्राम मेथम्फेटामाइन और 1,222 नशीली गोलियाँ समेत बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
इस अभियान में कौन-कौन से नशीले पदार्थ जब्त किए गए?
पुलिस के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार जब्त सामग्री में 22 किलोग्राम गांजा, 831 ग्राम मेथम्फेटामाइन, 6 मिलीग्राम अफीम, 2 मिलीग्राम कोकीन और 1,222 नशीली गोलियाँ शामिल हैं। इसके अलावा ड्रग्स की ढुलाई में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन भी ज़ब्त किए गए।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व किसने किया?
यह अभियान पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज के निर्देशन में चलाया गया। एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट ने संदिग्ध तस्करों की पहले से जानकारी जुटाकर इस ऑपरेशन की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे क्या होगा?
सभी 77 गिरफ्तार आरोपियों को आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थानों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के बैंक खाते और वित्तीय संपत्तियाँ फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू करने की भी घोषणा की है।
क्या यह चेन्नई पुलिस का पहला ऐसा अभियान है?
नहीं, यह ग्रेटर चेन्नई पुलिस के उस बड़े और चल रहे अभियान का हिस्सा है जिसमें नशीले पदार्थों के साथ-साथ गुटखा और मावा जैसे प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से ड्रग तस्करी की जानकारी साझा करने की अपील भी की है।
राष्ट्र प्रेस
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