13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली पुलिस ने ₹2.30 करोड़ का गांजा बरामद किया, अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली पुलिस ने ₹2.30 करोड़ का गांजा बरामद किया, अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने 36 घंटे की अथक निगरानी और छह राज्यों में पीछा करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। 765.6 किलो गांजा, ₹4 लाख नकद और 126 ग्राम सोना जब्त — कुल ₹2.30 करोड़ का माल।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की आउटर डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने 13 जुलाई 2026 को अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
कुल 765.6 किलोग्राम गांजा बरामद, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2.30 करोड़ बताई जा रही है।
₹4 लाख नकद , 126 ग्राम सोने के आभूषण और 8 मोबाइल फोन भी जब्त।
गिरफ्तार आरोपी: अशोक कुमार (दिल्ली), इंद्रजीत राय , नीतीश कुमार (लुधियाना होटल से) और धर्मेंद्र कुमार (लुधियाना गोदाम से)।
इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंधु की टीम ने 6 राज्यों में 36 घंटे से अधिक निगरानी के बाद गिरफ्तारी की।
पुलिस अब गांजे के मूल स्रोत और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस की आउटर डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने 13 जुलाई 2026 को एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 765.6 किलोग्राम गांजा, ₹4 लाख नकद, 126 ग्राम सोने के आभूषण और 8 मोबाइल फोन जब्त किए। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹2.30 करोड़ बताई जा रही है।

ऑपरेशन की शुरुआत कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन का हिस्सा है। 20 जून 2026 को आउटर डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में गांजा लेकर आने वाला है। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंधु के नेतृत्व में और एसीपी (ऑपरेशंस) की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई।

पहली गिरफ्तारी: पीतमपुरा में छापा

टीम ने दिल्ली के पीतमपुरा स्थित मधुबन चौक के पास छापा मारकर अशोक कुमार (40) को गिरफ्तार किया। उसके पास मौजूद दो बैगों की तलाशी में फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) टीम की उपस्थिति में 22.610 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। रानी बाग थाने में NDPS एक्ट की धारा 20(C) के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में सामने आया कि अशोक कुमार पहले भी 285 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।

36 घंटे की निगरानी और लुधियाना में धरपकड़

अशोक कुमार की निशानदेही पर तकनीकी निगरानी और वित्तीय जांच के दौरान पुलिस को बिहार निवासी इंद्रजीत राय के बारे में जानकारी मिली, जो तस्करी के दौरान अजीत सिंह नाम का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने 9 जुलाई से इंद्रजीत राय पर लगातार 36 घंटे से अधिक निगरानी रखी — बिहार, ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में उसका पीछा किया। अंततः 10 जुलाई 2026 को पंजाब के लुधियाना के एक होटल से इंद्रजीत राय और उसके साथी नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

लुधियाना गोदाम से 743 किलो गांजा बरामद

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजे की बड़ी खेप लुधियाना के जमालपुर स्थित एक किराए के गोदाम में छिपाई गई है। पुलिस ने वहां छापा मारकर 743 किलोग्राम गांजा बरामद किया और एक अन्य आरोपी धर्मेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह हरियाणा और पंजाब में सप्लाई करने से पहले माल को किराए के गोदामों में छिपाकर रखता था।

आगे की जांच

पुलिस अब बरामद मादक पदार्थ के मूल स्रोत, पूरे सप्लाई नेटवर्क और इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें अंतरराज्यीय नशा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार सप्लाई चेन की जड़ तक जांच पहुंचती है या गिरफ्तारी तक सिमट जाती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने कितना गांजा बरामद किया और इसकी कीमत क्या है?
दिल्ली पुलिस ने कुल 765.6 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹2.30 करोड़ बताई जा रही है। इसके अलावा ₹4 लाख नकद, 126 ग्राम सोने के आभूषण और 8 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
इस ड्रग तस्करी मामले में कितने और कौन से आरोपी गिरफ्तार हुए?
इस मामले में चार आरोपी गिरफ्तार हुए — अशोक कुमार (दिल्ली के पीतमपुरा से), इंद्रजीत राय और नीतीश कुमार (लुधियाना के एक होटल से), तथा धर्मेंद्र कुमार (लुधियाना के जमालपुर स्थित गोदाम से)। इंद्रजीत राय तस्करी के दौरान 'अजीत सिंह' नाम का इस्तेमाल करता था।
यह ऑपरेशन किस अभियान के तहत चलाया गया?
यह कार्रवाई केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन का हिस्सा है। आउटर डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को 20 जून 2026 को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंधु के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
गांजे की खेप कहां छिपाई गई थी और पुलिस को कैसे पता चला?
गांजे की बड़ी खेप पंजाब के लुधियाना के जमालपुर इलाके में एक किराए के गोदाम में छिपाई गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ के बाद पुलिस ने वहां छापा मारकर 743 किलोग्राम गांजा बरामद किया।
क्या इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश जारी है?
हां, पुलिस अभी गांजे के मूल स्रोत, पूरे सप्लाई नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। मामला NDPS एक्ट की धारा 20(C) के तहत दर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले