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दिल्ली एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने तोड़ी अंतरराज्यीय गांजा सप्लाई चेन, ओडिशा से दो गिरफ्तार

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दिल्ली एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने तोड़ी अंतरराज्यीय गांजा सप्लाई चेन, ओडिशा से दो गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली के पूर्वी जिले के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने ओडिशा तक पीछा कर अंतरराज्यीय गांजा नेटवर्क को तोड़ा। 22.450 किलोग्राम गांजा बरामद, दो आरोपी — सोनू कुमार और देबा मंडी — गिरफ्तार। देबा मंडी पहले भी 2018 में तस्करी के आरोप में जेल जा चुका है।

मुख्य बातें

दिल्ली पूर्वी जिले के ANS ने 20 जून 2026 को अंतरराज्यीय गांजा सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
आरोपी सोनू कुमार की कार से 22 किलो 450 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
मुख्य सप्लायर देबा मंडी को ओडिशा की सीमा से गिरफ्तार किया गया; वह जंगली इलाके में गांजे की खेती करता था।
देबा मंडी को 2018 में मध्य प्रदेश के शहडोल से भी गिरफ्तार किया गया था और 3 साल की जेल हुई थी।
सप्लाई चेन के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच जारी है।

नई दिल्ली के पूर्वी जिले के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (ANS) ने 20 जून 2026 को एक बड़ी कार्रवाई में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। ओडिशा की सीमा तक पीछा कर मुख्य सप्लायर को दबोचा गया और उसके पास से 22.450 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है।

मुखबिर से मिली सूचना और जाल

पुलिस के अनुसार, 3 जून को एएनएस को गुप्त सूचना मिली कि सोनू कुमार नामक व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भारी मात्रा में गांजे की तस्करी के लिए निकला है। स्थानीय मुखबिरों और ह्यूमन इंटेलिजेंस (मानवीय सूचना) के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और सोनू कुमार को पकड़ने में सफलता हासिल की। उसकी कार की तलाशी में 2 बैग में 22 किलो 450 ग्राम गांजा मिला, जिसे भूरे टेप से पैक किया गया था।

मुख्य आरोपी देबा मंडी की गिरफ्तारी

सोनू कुमार की पूछताछ के बाद पुलिस की टीम ने ओडिशा के विभिन्न जिलों में दबिश दी और देबा मंडी को गिरफ्तार किया, जिसे इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है। पूछताछ में देबा मंडी ने स्वीकार किया कि उसका गाँव जंगली इलाके में है, जहाँ उसने गांजे की खेती शुरू की और दिल्ली-एनसीआर में उसकी आपूर्ति करने लगा।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, देबा मंडी को 2018 में मध्य प्रदेश के शहडोल से गिरफ्तार किया गया था और उसे 3 साल की जेल हुई थी। 2022 में रिहाई के बाद उसने शुरुआत में मजदूरी की, लेकिन करीब 1 साल पहले वह फिर से नशीले पदार्थों के तस्करी नेटवर्क से जुड़ गया। यह मामला इस बात को उजागर करता है कि पुनर्वास तंत्र की कमज़ोरी के कारण पूर्व-दोषी किस तरह दोबारा अपराध की राह पर लौट सकते हैं।

आगे की जांच और नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश

दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सप्लाई चेन से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए पूछताछ जारी है। दिल्ली पुलिस का नशीले पदार्थों के खिलाफ यह अभियान लगातार चल रहा है और इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे मामले बार-बार सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने किस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली के पूर्वी जिले के ANS ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जो ओडिशा से दिल्ली-एनसीआर तक गांजे की आपूर्ति करता था। इस कार्रवाई में 22.450 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ और दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।
इस मामले में कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में सोनू कुमार और देबा मंडी को गिरफ्तार किया गया है। सोनू कुमार को दिल्ली में जाल बिछाकर पकड़ा गया, जबकि देबा मंडी को ओडिशा की सीमा से गिरफ्तार किया गया।
देबा मंडी कौन है और उसका आपराधिक इतिहास क्या है?
देबा मंडी ओडिशा का रहने वाला है जो जंगली इलाके में गांजे की खेती कर दिल्ली-एनसीआर में उसकी आपूर्ति करता था। उसे 2018 में मध्य प्रदेश के शहडोल से गिरफ्तार किया गया था और 3 साल की जेल की सज़ा मिली थी; 2022 में रिहाई के बाद वह फिर इस धंधे में लौट आया।
इस ऑपरेशन में गांजा कैसे और कहाँ से बरामद हुआ?
पुलिस ने सोनू कुमार की कार की तलाशी में 2 बैग में 22 किलो 450 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसे भूरे टेप से पैक किया गया था। यह गांजा ओडिशा के जंगली इलाके में उगाया गया था।
आगे की जांच में क्या होगा?
पुलिस के अनुसार, सप्लाई चेन से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान के लिए दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूरे नशा तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जांच चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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