दिल्ली में MDMA-गांजा सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त, दो विदेशी नागरिकों समेत तीन तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की पूर्वी जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड ने 4 जुलाई 2026 को एक सुनियोजित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया — इनमें दो विदेशी नागरिक शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 21.09 ग्राम एमडीएमए और 30 ग्राम गांजा बरामद किया, साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही तीन स्कूटियाँ भी जब्त की गईं।
मुख्य घटनाक्रम
30 जून को एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड को गुप्त सूचना मिली कि अफ्रीकी मूल का एक व्यक्ति दिल्ली-नोएडा लिंक रोड स्थित स्टार सिटी मॉल के निकट एमडीएमए की आपूर्ति करने आने वाला है। पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की। इसी बीच एक संदिग्ध स्कूटी सवार वहाँ पहुँचा और पुलिस को देख भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर उसकी स्कूटी डिवाइडर से टकरा गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
पूछताछ में उसकी पहचान सेनेगल निवासी 35 वर्षीय जॉन के रूप में हुई। तलाशी में उसके पास से 12.86 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ।
गिरोह की कड़ियाँ उजागर
पुलिस के अनुसार, जॉन की निशानदेही पर अक्षरधाम रोड से स्थानीय पेडलर दिवाकर को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से करीब 3 ग्राम एमडीएमए और 30 ग्राम गांजा मिला। आगे की पूछताछ में जॉन ने खुलासा किया कि वह यह नशीला पदार्थ नाइजीरिया के रहने वाले 37 वर्षीय सोलोमन से खरीदता था। पुलिस ने जाल बिछाकर न्यू अशोक नगर इलाके से सोलोमन को गिरफ्तार किया; उसके पास से 5.23 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ।
यह नेटवर्क तीन स्तरों पर काम कर रहा था — विदेशी स्रोत (सोलोमन), मध्यस्थ आपूर्तिकर्ता (जॉन), और स्थानीय पेडलर (दिवाकर)।
आरोपी की पृष्ठभूमि
पूछताछ में दिवाकर ने बताया कि वह पहले स्वयं एमडीएमए का सेवन करता था और इसी दौरान जॉन से उसकी जान-पहचान हुई। शुरुआत में वह अपने निजी उपयोग के लिए नशीला पदार्थ खरीदता था, लेकिन बाद में अधिक पैसे कमाने के लालच में उसने बड़ी मात्रा में एमडीएमए खरीदकर ऊँची कीमत पर बेचना शुरू कर दिया।
पुलिस की आगे की जाँच
पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी से इलाके में सक्रिय ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क को तोड़ा जा चुका है। जब्त स्कूटियों के मालिकों और गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स इकाइयाँ हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयाँ कर चुकी हैं, जिनमें विदेशी नागरिकों की संलिप्तता बार-बार सामने आई है। यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें सिंथेटिक ड्रग्स की आपूर्ति के लिए विदेशी सोर्स और स्थानीय नेटवर्क का संयोजन किया जा रहा है।