9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तोड़ा इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट, 2 नाइजीरियाई समेत 5 गिरफ्तार; ₹12 करोड़ की हेरोइन-MDMA जब्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तोड़ा इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट, 2 नाइजीरियाई समेत 5 गिरफ्तार; ₹12 करोड़ की हेरोइन-MDMA जब्त

सारांश

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-एनसीआर में फैले एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त किया — 2 नाइजीरियाई, 1 घाना नागरिक और 2 भारतीयों को गिरफ्तार कर ₹12 करोड़ की हेरोइन व एमडीएमए जब्त की गई। यह नेटवर्क थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर काम कर रहा था।

मुख्य बातें

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 8 अगस्त 2026 को दिल्ली-एनसीआर के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार आरोपियों में 2 नाइजीरियाई (मोरिस ओकाली, इबेग्बू चिगोजी सैमुअल), 1 घाना नागरिक (इमैनुएल) और 2 भारतीय (समीर उर्फ नन्हे व एक महिला) शामिल हैं।
बरामदगी में 2.554 किलोग्राम हेरोइन , 881 ग्राम एमडीएमए और 11 मोबाइल फोन शामिल; अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य ₹12 करोड़ ।
पहली गिरफ्तारी 19-20 जुलाई की रात शाहदरा में हुई; बाकी आरोपी रिमांड के दौरान मिली जानकारी से पकड़े गए।
NDPS एक्ट 1985 की धारा 21/22 के तहत एफआईआर नंबर 191 दर्ज; जाँच जारी।

दिल्ली क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-I ने 8 अगस्त 2026 को दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जिसमें 2 नाइजीरियाई नागरिक, 1 घाना का नागरिक और 2 भारतीय समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से 2.554 किलोग्राम हेरोइन, 881 ग्राम एमडीएमए और 11 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग ₹12 करोड़ बताई गई है।

ऑपरेशन की शुरुआत: शाहदरा में पहली गिरफ्तारी

क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर लिछमन की टीम को गुप्त सूत्रों से पक्की जानकारी मिली कि 52 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक मोरिस ओकाली, जो दिल्ली के चंदर विहार, निलोथी इलाके में रहता था, 19-20 जुलाई की रात शाहदरा स्थित एक अस्पताल के निकट नशीले पदार्थों की खेप पहुँचाने आएगा। सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर टीम को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया और मोरिस ओकाली को मौके पर दबोच लिया गया। उसके बैग से चार पॉलीथीन पैकेट में 2.004 किलोग्राम हेरोइन और 863 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई — दोनों व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में।

इस गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की धारा 21/22 के तहत एफआईआर नंबर 191 दर्ज की गई।

पुलिस कस्टडी रिमांड से खुला नेटवर्क

मोरिस ओकाली की पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान दी गई जानकारी के आधार पर टीम ने चंदर विहार, निलोथी इलाके से दो और विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। इनमें अकरा, घाना के इमैनुएल (उम्र लगभग 38 वर्ष) और लागोस, नाइजीरिया के इबेग्बू चिगोजी सैमुअल (उम्र लगभग 50 वर्ष) शामिल हैं। तलाशी में इबेग्बू चिगोजी सैमुअल के पास से 254 ग्राम हेरोइन और इमैनुएल के पास से 14 ग्राम एमडीएमए मिली।

दो भारतीय सह-आरोपी भी जाल में

आगे की जाँच में दो भारतीय नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया। समीर उर्फ नन्हे (उम्र लगभग 28 वर्ष, निवासी नंद नगरी, दिल्ली) को शालीमार गार्डन, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया और उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के अनुसार समीर का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है।

इसके बाद एक 36 वर्षीय महिला (निवासी शालीमार गार्डन, गाजियाबाद) को पश्चिम विहार, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। जाँच में पता चला कि यह महिला भी पूर्व में आपराधिक मामलों में संलिप्त रही है। दोनों भारतीय आरोपी इस गिरोह के लिए हेरोइन और एमडीएमए की खरीद, भंडारण, परिवहन और वितरण में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

ऑपरेशन की निगरानी और टीम

यह पूरी कार्रवाई क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव की समग्र देखरेख और एसीपी सुनील श्रीवास्तव (ईस्टर्न रेंज-I) की कड़ी निगरानी में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत संचालित की गई। टीम में एसआई बिजेंद्र सिंह, एसआई अरविंद कुमार, एसआई शैलेंद्र तिवारी, एएसआई जोगिंदर, एएसआई बीप्ति, हेड कांस्टेबल सूर्य प्रकाश और हेड कांस्टेबल महा सिंह शामिल थे।

आगे क्या

पुलिस के अनुसार जाँच में एक सुव्यवस्थित अंतर-राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें भारतीय और विदेशी नागरिक मिलकर दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन और एमडीएमए की थोक व खुदरा आपूर्ति कर रहे थे। क्राइम ब्रांच अब गिरोह के शेष सदस्यों की पहचान करने, उनकी भूमिकाओं का पता लगाने और पूरे सप्लाई चेन का खुलासा करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतना बड़ा नेटवर्क इतने लंबे समय तक कैसे अनदेखा रहा। ₹12 करोड़ मूल्य की बरामदगी महज एक खेप की कीमत है — सप्लाई चेन की जड़ें कहाँ तक फैली हैं, यह तभी स्पष्ट होगा जब क्राइम ब्रांच अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करे।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने किस ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-I ने दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन और एमडीएमए की थोक व खुदरा तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जिसमें नाइजीरियाई, घाना और भारतीय नागरिक शामिल थे। इस नेटवर्क से ₹12 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ बरामद किए गए।
गिरफ्तार किए गए 5 ड्रग तस्कर कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में मोरिस ओकाली (52 वर्ष, नाइजीरिया), इबेग्बू चिगोजी सैमुअल (लगभग 50 वर्ष, लागोस, नाइजीरिया), इमैनुएल (लगभग 38 वर्ष, अकरा, घाना), समीर उर्फ नन्हे (लगभग 28 वर्ष, नंद नगरी, दिल्ली) और एक महिला (लगभग 36 वर्ष, शालीमार गार्डन, गाजियाबाद) शामिल हैं।
इस ऑपरेशन में कितनी ड्रग्स बरामद हुई और उसकी कीमत क्या है?
पुलिस ने कुल 2.554 किलोग्राम हेरोइन, 881 ग्राम एमडीएमए और 11 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद नशीले पदार्थों की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग ₹12 करोड़ बताई गई है।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की धारा 21/22 के तहत क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 191 दर्ज की गई है। ये धाराएँ व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों की खरीद, कब्जे और वितरण पर लागू होती हैं।
क्या इस मामले में जाँच अभी जारी है?
हाँ, क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने, उनकी भूमिकाओं का पता लगाने और पूरे सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिशें जारी हैं। आरोपी समीर उर्फ नन्हे और गिरफ्तार महिला दोनों पहले भी कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले