दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय हेरोइन गिरोह तोड़ा, 195 ग्राम ड्रग्स और तीन तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला एंटी नारकोटिक्स टीम ने 21 मई 2026 को एक अंतरराज्यीय हेरोइन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जिसमें 195.56 ग्राम हेरोइन बरामद हुई — जिसकी अवैध बाज़ार में कीमत कथित तौर पर ₹25 लाख आँकी गई है। इस अभियान में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनका नेटवर्क उत्तर प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर तक फैला हुआ था।
गिरफ्तारी का क्रम और ऑपरेशन का ब्यौरा
14-15 मई की दरमियानी रात इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गाजियाबाद डंपिंग यार्ड के पास जाल बिछाया। पहली गिरफ्तारी सर्वेश (उम्र 22 वर्ष, निवासी शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश) की हुई, जिसके पास से 73.11 ग्राम हेरोइन मिली।
सर्वेश की निशानदेही पर टीम ने दिल्ली के जहाँगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के समीप साहिल (उम्र 24 वर्ष, निवासी भलस्वा डेयरी) को दबोचा। साहिल के पास से 92.45 ग्राम हेरोइन और एक यामाहा स्कूटी जब्त की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने बरेली में छापा मारकर इस गिरोह के मुख्य आपूर्तिकर्ता अबरार (उम्र 40 वर्ष, निवासी भमोरा गाँव, बरेली) को भी गिरफ्तार किया। अबरार के पास से 30 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
गिरोह की कार्यप्रणाली
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह एक सुनियोजित आपूर्ति श्रृंखला पर काम करता था। अबरार बरेली से हेरोइन की आपूर्ति करता था, सर्वेश बिचौलिए की भूमिका में था, और साहिल दिल्ली में खुदरा वितरण करता था। पुलिस के अनुसार साहिल स्वयं नशे का आदी था और धीरे-धीरे खुदरा से थोक तस्करी की ओर बढ़ा। तीनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर में नशे की लत से पीड़ित लोगों को निशाना बनाकर मुनाफा कमा रहे थे।
बरामदगी का विवरण
तीनों गिरफ्तारियों में कुल 195.56 ग्राम हेरोइन — सर्वेश से 73.11 ग्राम, साहिल से 92.45 ग्राम, और अबरार से 30 ग्राम — जब्त की गई। इसके अलावा नशीले पदार्थों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाली एक यामाहा स्कूटी भी ज़ब्त की गई है।
आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार इस मामले में आगे की जाँच जारी है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि नशीले पदार्थों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत ऐसे गिरोहों पर लगातार नज़र रखी जा रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली-एनसीआर में ड्रग तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।