दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय हेरोइन गिरोह तोड़ा, 195 ग्राम ड्रग्स और तीन तस्कर गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय हेरोइन गिरोह तोड़ा, 195 ग्राम ड्रग्स और तीन तस्कर गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला एंटी नारकोटिक्स टीम ने बरेली से दिल्ली तक फैले हेरोइन नेटवर्क को तोड़ा — 195.56 ग्राम हेरोइन बरामद, तीन गिरफ्तार। गिरोह की आपूर्ति श्रृंखला उत्तर प्रदेश से शुरू होकर दिल्ली-एनसीआर के नशेड़ियों तक पहुँचती थी।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला एंटी नारकोटिक्स टीम ने 21 मई 2026 को अंतरराज्यीय हेरोइन गिरोह का भंडाफोड़ किया।
कुल 195.56 ग्राम हेरोइन बरामद, जिसकी अवैध बाज़ार में कीमत कथित तौर पर ₹25 लाख बताई जा रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार — सर्वेश (शाहजहाँपुर), साहिल (भलस्वा डेयरी, दिल्ली), और मुख्य आपूर्तिकर्ता अबरार (भमोरा गाँव, बरेली)।
गिरोह बरेली से दिल्ली-एनसीआर तक हेरोइन की आपूर्ति करता था; एक यामाहा स्कूटी भी ज़ब्त।
ऑपरेशन का नेतृत्व इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने किया; आगे की जाँच जारी है।

दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला एंटी नारकोटिक्स टीम ने 21 मई 2026 को एक अंतरराज्यीय हेरोइन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जिसमें 195.56 ग्राम हेरोइन बरामद हुई — जिसकी अवैध बाज़ार में कीमत कथित तौर पर ₹25 लाख आँकी गई है। इस अभियान में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनका नेटवर्क उत्तर प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर तक फैला हुआ था।

गिरफ्तारी का क्रम और ऑपरेशन का ब्यौरा

14-15 मई की दरमियानी रात इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गाजियाबाद डंपिंग यार्ड के पास जाल बिछाया। पहली गिरफ्तारी सर्वेश (उम्र 22 वर्ष, निवासी शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश) की हुई, जिसके पास से 73.11 ग्राम हेरोइन मिली।

सर्वेश की निशानदेही पर टीम ने दिल्ली के जहाँगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के समीप साहिल (उम्र 24 वर्ष, निवासी भलस्वा डेयरी) को दबोचा। साहिल के पास से 92.45 ग्राम हेरोइन और एक यामाहा स्कूटी जब्त की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने बरेली में छापा मारकर इस गिरोह के मुख्य आपूर्तिकर्ता अबरार (उम्र 40 वर्ष, निवासी भमोरा गाँव, बरेली) को भी गिरफ्तार किया। अबरार के पास से 30 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।

गिरोह की कार्यप्रणाली

पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह एक सुनियोजित आपूर्ति श्रृंखला पर काम करता था। अबरार बरेली से हेरोइन की आपूर्ति करता था, सर्वेश बिचौलिए की भूमिका में था, और साहिल दिल्ली में खुदरा वितरण करता था। पुलिस के अनुसार साहिल स्वयं नशे का आदी था और धीरे-धीरे खुदरा से थोक तस्करी की ओर बढ़ा। तीनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर में नशे की लत से पीड़ित लोगों को निशाना बनाकर मुनाफा कमा रहे थे।

बरामदगी का विवरण

तीनों गिरफ्तारियों में कुल 195.56 ग्राम हेरोइन — सर्वेश से 73.11 ग्राम, साहिल से 92.45 ग्राम, और अबरार से 30 ग्राम — जब्त की गई। इसके अलावा नशीले पदार्थों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाली एक यामाहा स्कूटी भी ज़ब्त की गई है।

आगे की जाँच

पुलिस के अनुसार इस मामले में आगे की जाँच जारी है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि नशीले पदार्थों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत ऐसे गिरोहों पर लगातार नज़र रखी जा रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली-एनसीआर में ड्रग तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे पुलिस बार-बार 'तोड़' चुकी है — फिर भी नेटवर्क पुनर्जीवित होते रहते हैं। असली सवाल यह है कि क्या इस बार जाँच केवल खुदरा कड़ियों तक सीमित रहेगी या अबरार के ऊपर की आपूर्ति श्रृंखला तक भी पहुँचेगी। साहिल जैसे उपभोक्ता-से-तस्कर बनने के मामले यह भी संकेत देते हैं कि नशामुक्ति और पुनर्वास तंत्र की कमज़ोरी तस्करी नेटवर्क को खाद-पानी दे रही है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने कितनी हेरोइन बरामद की और कितने लोग गिरफ्तार हुए?
दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला एंटी नारकोटिक्स टीम ने कुल 195.56 ग्राम हेरोइन बरामद की और तीन आरोपियों — सर्वेश, साहिल, और अबरार — को गिरफ्तार किया। बरामद हेरोइन की अवैध बाज़ार में कीमत कथित तौर पर ₹25 लाख बताई जा रही है।
इस ड्रग गिरोह का नेटवर्क कहाँ-कहाँ फैला था?
यह गिरोह उत्तर प्रदेश के बरेली से हेरोइन की आपूर्ति करता था और दिल्ली-एनसीआर में वितरण करता था। मुख्य आपूर्तिकर्ता अबरार बरेली के भमोरा गाँव का निवासी था, जबकि वितरण दिल्ली के जहाँगीरपुरी और भलस्वा डेयरी इलाकों में होता था।
तीनों आरोपी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या थी?
अबरार (40 वर्ष, बरेली) मुख्य आपूर्तिकर्ता था; सर्वेश (22 वर्ष, शाहजहाँपुर) बिचौलिया था जो अबरार से हेरोइन लेकर दिल्ली पहुँचाता था; और साहिल (24 वर्ष, भलस्वा डेयरी) दिल्ली में खुदरा वितरण करता था। पुलिस के अनुसार साहिल स्वयं नशे का आदी था और बाद में थोक तस्करी में शामिल हो गया।
पुलिस ने इस गिरोह को कैसे पकड़ा?
इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में एंटी नारकोटिक्स टीम ने 14-15 मई की दरमियानी रात गुप्त सूचना के आधार पर गाजियाबाद डंपिंग यार्ड के पास जाल बिछाया और पहले सर्वेश को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर साहिल और फिर बरेली में छापा मारकर अबरार को गिरफ्तार किया गया।
क्या इस मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस के अनुसार इस मामले में आगे की जाँच जारी है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने संकेत दिया है कि गिरोह के और सदस्य हो सकते हैं जिन तक पहुँचने की कोशिश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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