भारत का चाय निर्यात 12 वर्षों में 93% बढ़कर ₹8,719 करोड़ पर, पीयूष गोयल ने दी जानकारी

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भारत का चाय निर्यात 12 वर्षों में 93% बढ़कर ₹8,719 करोड़ पर, पीयूष गोयल ने दी जानकारी

सारांश

12 वर्षों में 93% की छलाँग — भारत का चाय निर्यात ₹4,509 करोड़ से बढ़कर ₹8,719 करोड़ पर पहुँचा। अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर पीयूष गोयल ने यह आँकड़े साझा करते हुए दार्जिलिंग से नीलगिरी तक की चाय विरासत को वैश्विक पहचान का श्रेय दिया।

मुख्य बातें

भारत का चाय निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में ₹8,719 करोड़ रहा, जो 2013-14 के ₹4,509 करोड़ से 93% अधिक है।
वित्त वर्ष 2025 में निर्यात की गई चाय की मात्रा 263 मिलियन किलोग्राम , मूल्य ₹7,818 करोड़ रहा।
संगठित क्षेत्र में चाय उद्योग लगभग 12 लाख श्रमिकों को रोज़गार देता है, जिनमें 58% महिलाएँ हैं।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 21 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर यह जानकारी साझा की।
भारतीय चाय बोर्ड की गुणवत्ता सुधार पहलों को वैश्विक उपस्थिति मज़बूत करने का श्रेय दिया गया।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 21 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के अवसर पर बताया कि भारत का चाय निर्यात पिछले 12 वर्षों में 93 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2025-26 में ₹8,719 करोड़ तक पहुँच गया है, जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में यह आँकड़ा मात्र ₹4,509 करोड़ था। यह वृद्धि भारतीय चाय की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और निर्यात नीतियों की सफलता को रेखांकित करती है।

मुख्य घटनाक्रम

गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, 'चाय एक भावना है और अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर इसे व्यक्त करने का इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है! पूरे भारत में, चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी, बातचीत और परंपराओं का एक अभिन्न अंग है।' उन्होंने दार्जिलिंग, असम और नीलगिरी के चाय क्षेत्रों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि हर क्षेत्र अपने कप में अनूठा स्वाद और सुगंध समेटे हुए है।

निर्यात के आँकड़े और उद्योग का विस्तार

वित्त वर्ष 2025 में भारत ने कुल 263 मिलियन किलोग्राम चाय का निर्यात किया, जिसका कुल मूल्य ₹7,818 करोड़ रहा। गौरतलब है कि संगठित क्षेत्र में भारतीय चाय उद्योग लगभग 12 लाख श्रमिकों को रोज़गार देता है, जिनमें से करीब 58 प्रतिशत महिलाएँ हैं — यह तथ्य उद्योग के सामाजिक प्रभाव को भी उजागर करता है।

सरकार की रणनीति और चाय बोर्ड की भूमिका

मंत्री के अनुसार, भारतीय चाय बोर्ड द्वारा गुणवत्ता मानकों में सुधार और भारत की समृद्ध चाय विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के निरंतर प्रयासों ने इस वृद्धि में निर्णायक भूमिका निभाई है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक कृषि निर्यात में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

महिला श्रमशक्ति और सामाजिक आयाम

गोयल ने पहले भी चाय क्षेत्र में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा था, 'महिलाएं भारत के चाय क्षेत्र के विकास का नेतृत्व कर रही हैं।' 58 प्रतिशत महिला कार्यबल के साथ यह उद्योग ग्रामीण महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम और ऑर्गेनिक चाय की वैश्विक माँग में वृद्धि के साथ भारत के पास निर्यात को और गति देने की पर्याप्त संभावनाएँ हैं। दार्जिलिंग और असम की चाय की भौगोलिक पहचान (GI टैग) इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मात्रा के संदर्भ में देखें तो भारत चाय उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर होने के बावजूद निर्यात में केन्या और श्रीलंका से पीछे रहता है — यह अंतर्विरोध आँकड़ों की चमक में छिप जाता है। ₹8,719 करोड़ का निर्यात मूल्य उत्साहजनक है, परंतु प्रति किलोग्राम प्राप्त मूल्य और प्रीमियम ब्रांडिंग में भारत की स्थिति अभी भी कमज़ोर है। चाय बोर्ड के प्रयास सराहनीय हैं, किंतु GI-टैग उत्पादों के लिए मूल्य-श्रृंखला विकास और सीधे उपभोक्ता बाज़ारों तक पहुँच बनाए बिना यह वृद्धि टिकाऊ नहीं होगी।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का चाय निर्यात 12 वर्षों में कितना बढ़ा?
भारत का चाय निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 के ₹4,509 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹8,719 करोड़ हो गया, यानी 93 प्रतिशत की वृद्धि। यह जानकारी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर साझा की।
वित्त वर्ष 2025 में भारत ने कितनी चाय का निर्यात किया?
वित्त वर्ष 2025 में भारत ने 263 मिलियन किलोग्राम चाय का निर्यात किया, जिसका कुल मूल्य ₹7,818 करोड़ रहा।
भारतीय चाय उद्योग में कितने लोगों को रोज़गार मिलता है?
संगठित क्षेत्र में भारतीय चाय उद्योग लगभग 12 लाख श्रमिकों को रोज़गार देता है, जिनमें से करीब 58 प्रतिशत महिलाएँ हैं।
भारतीय चाय के प्रमुख उत्पादन क्षेत्र कौन से हैं?
भारत के प्रमुख चाय उत्पादन क्षेत्रों में दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल), असम की घाटियाँ और नीलगिरी (तमिलनाडु) शामिल हैं। इन क्षेत्रों की चाय अपने विशिष्ट स्वाद और सुगंध के लिए वैश्विक बाज़ार में पहचानी जाती है।
भारतीय चाय के निर्यात में वृद्धि के क्या कारण हैं?
पीयूष गोयल के अनुसार, भारतीय चाय बोर्ड द्वारा गुणवत्ता मानकों में सुधार और भारत की समृद्ध चाय विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के प्रयासों ने निर्यात वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।
राष्ट्र प्रेस
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