भारत का टॉफी निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 से 166% बढ़ा, ₹132 करोड़ पर पहुँचा: पीयूष गोयल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 20 मई को बताया कि भारत का टॉफी निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 के बाद से करीब 166 प्रतिशत बढ़ चुका है — जो ₹49.68 करोड़ से उछलकर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹132 करोड़ तक पहुँच गया है। यह आँकड़ा ऐसे समय में सामने आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोम दौरे के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को 'मेड इन इंडिया' मेलोडी टॉफियों का एक पैकेट उपहार में दिया।
निर्यात के आँकड़े
गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर निर्यात डेटा साझा करते हुए लिखा, 'भारत की टॉफी कहानी सच में कानों के लिए मधुर संगीत जैसी है।' उन्होंने बताया कि टॉफी, कैरेमल और इसी श्रेणी की मिठाइयों का निर्यात वित्त वर्ष 2013-14 में ₹49.68 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹132 करोड़ हो गया — यानी करीब 166 प्रतिशत की वृद्धि। गोयल ने जोड़ा कि 'मेड इन इंडिया' टॉफियों की मिठास अब पूरी दुनिया को पसंद आ रही है।
मोदी-मेलोनी का 'मेलोडी मोमेंट'
रोम में प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को मेलोडी टॉफियों का पैकेट भेंट किया, जिसका वीडियो मेलोनी ने स्वयं एक्स पर साझा किया। वीडियो में वह कहती दिखीं, 'प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए एक उपहार लाए — एक बहुत ही अच्छी टॉफी — मेलोडी।' मेलोनी ने अपने पोस्ट के कैप्शन में प्रधानमंत्री मोदी को इस उपहार के लिए धन्यवाद भी दिया।
'मेलोडी' हैशटैग की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि '#मेलोडी' हैशटैग — जो मोदी और मेलोनी के नामों को मिलाकर बना है — पहली बार दुबई में आयोजित COP28 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक स्तर पर चर्चा में आया था, जब मेलोनी ने मोदी के साथ एक सेल्फी पोस्ट करते हुए लिखा था: 'COP28 में अच्छे दोस्त, #मेलोडी।' इसके बाद से नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों नेताओं की गर्मजोशी भरी मुलाकातें चर्चा का विषय बनती रही हैं।
रोम में अनौपचारिक मुलाकात
बुधवार को रोम के ऐतिहासिक कोलोसियम के निकट आयोजित एक विशेष रात्रिभोज के दौरान दोनों नेताओं को अनौपचारिक अंदाज़ में बातचीत करते, मुस्कुराते हुए सेल्फी लेते और सहज माहौल में समय बिताते देखा गया। इन तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक ध्यान खींचा और 'मेलोडी' ट्रेंड को एक बार फिर हवा दी।
निर्यात वृद्धि का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत खाद्य प्रसंस्करण और मिठाई उद्योग में अपनी वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है। आँकड़ों के अनुसार, टॉफी-कैरेमल श्रेणी में यह वृद्धि भारत के समग्र कृषि-प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात की व्यापक तेज़ी का हिस्सा है। आगे देखें तो इस क्षेत्र में निर्यात विस्तार की संभावना और भी अधिक है, क्योंकि भारत-यूरोप व्यापार संबंध मज़बूत हो रहे हैं।