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क्या आईएमएफ द्वारा जीडीपी वृद्धि दर अनुमान बढ़ाना पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के मजबूत विकास का प्रतीक है?

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क्या आईएमएफ द्वारा जीडीपी वृद्धि दर अनुमान बढ़ाना पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के मजबूत विकास का प्रतीक है?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की जीडीपी वृद्धि दर में आईएमएफ द्वारा किया गया सुधार, देश के मजबूत विकास की कहानी को उजागर करता है। इस लेख में जानें कि कैसे वैश्विक आर्थिक स्थितियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्य बातें

भारत की जीडीपी वृद्धि दर को आईएमएफ द्वारा 6.6 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने तेजी से प्रगति की है।
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर की संभावना है।

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा भारत की जीडीपी वृद्धि दर में किया गया नवीनतम सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के तेज और मजबूत विकास को प्रदर्शित करता है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए, गोयल ने कहा कि यह भारतीय नागरिकों के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में देश तेज़ी से प्रगति कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "आईएमएफ के हालिया अनुमानों के अनुसार, भारत की विकास दर चालू वित्त वर्ष में 6.6 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी, जो पहले के 6.4 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है। मुझे पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर बने रहने की संभावना है, और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा।"

इसके अतिरिक्त, आईएमएफ के अनुसार, इस वर्ष वैश्विक विकास दर 3.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जबकि पिछले वर्ष यह 3.3 प्रतिशत थी। गोयल ने कहा, "भारत की विकास दर इससे लगभग दोगुनी होगी।"

आईएमएफ ने भारत के निर्यात पर अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाने के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि अनुमान को पहले के 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है।

आईएमएफ ने अपने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में कहा कि वृद्धि दर में इज़ाफा पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन के कारण किया गया है।

वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में, भारत ने कम से कम एक वर्ष में सबसे तेज़ गति से बढ़ते हुए, मजबूत निजी खपत के आधार पर जीडीपी विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की।

सरकार द्वारा व्यापक जीएसटी सुधारों के लागू होने और उपभोक्ता वस्तुओं एवं सेवाओं पर कर दरों में कमी के साथ, घरेलू मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। इससे अमेरिका द्वारा टैरिफ वृद्धि के कारण भारतीय वस्तुओं की बाहरी मांग पर पड़े नकारात्मक प्रभाव की भरपाई होने की संभावना है।

आईएमएफ ने यह भी अनुमान लगाया है कि उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर 2024 में 4.3 प्रतिशत से घटकर 2025 में 4.2 प्रतिशत और 2026 में 4 प्रतिशत हो जाएगी।

जीएसटी 2.0 सुधारों के बारे में, गोयल ने कहा कि जीएसटी दरों में कमी की घोषणा के बाद, लोग अधिक से अधिक खरीदारी कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम देख रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। पीयूष गोयल के बयान के अनुसार, आईएमएफ द्वारा जीडीपी वृद्धि दर में किया गया सुधार न केवल भारत के आर्थिक विकास की पुष्टि करता है, बल्कि यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की मजबूती को भी दर्शाता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की जीडीपी वृद्धि दर वर्तमान में कितनी है?
आईएमएफ के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत है।
आईएमएफ ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर क्यों बढ़ाई?
आईएमएफ ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर को बढ़ाने का निर्णय पहले तिमाही में अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन के कारण लिया।
राष्ट्र प्रेस
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