भारत का निर्यात वित्त वर्ष 27 में 1 ट्रिलियन डॉलर के पार जाने की उम्मीद: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 18 मई 2026 को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर का कुल निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया है और अगले पाँच वर्षों में यह आँकड़ा 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने की महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद वित्त वर्ष 2026 में भारत का कुल वस्तु एवं सेवा निर्यात 863 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की निर्यात छलाँग
अमेरिकी टैरिफ विवाद, यूक्रेन युद्ध और ईरान संघर्ष से उपजे मध्य पूर्व तनावों के कारण वैश्विक व्यापार परिदृश्य में गहरी अनिश्चितता बनी हुई है। इन परिस्थितियों में 863 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात भारत की व्यापारिक लचीलेपन का प्रमाण है। गोयल ने कहा कि इन तमाम भू-राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत एक उज्ज्वल पक्ष बनकर उभरा है।
गौरतलब है कि भारत के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) अब वैश्विक व्यापार के दो-तिहाई से अधिक हिस्से को कवर करते हैं — यह एक दशक पहले की स्थिति से गुणात्मक बदलाव है। यह ऐसे समय में आया है जब अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएँ संरक्षणवाद की ओर झुक रही हैं।
ओमान के साथ CEPA: 1 जून से लागू होने की उम्मीद
भारत और ओमान ने 18 दिसंबर 2025 को एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए, जो 1 जून 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत भारत को ओमान की 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क पहुँच प्राप्त होगी, जो मूल्य के हिसाब से भारतीय निर्यातों के 99.38 प्रतिशत को कवर करती है।
भारत अपनी लगभग 78 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क में कटौती करेगा, जो ओमान से आयात के करीब 95 प्रतिशत को कवर करती है। संवेदनशील उत्पादों को मुख्यतः टैरिफ-दर कोटा के माध्यम से बाज़ार पहुँच दी जाएगी। नवंबर 2023 में शुरू हुई वार्ता पाँच दौर के बाद अगस्त 2025 में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
2024-25 में भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार 10.61 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
अन्य FTA: EU और UK से समझौते इसी वर्ष लागू होने की संभावना
भारत पहले ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) ब्लॉक के साथ व्यापार समझौते लागू कर चुका है। यूरोपीय संघ (EU) और यूनाइटेड किंगडम (UK) के साथ समझौते इस वर्ष लागू होने की उम्मीद है।
गोयल ने कहा, 'अन्य मुक्त व्यापार समझौते, जिनकी कानूनी पुष्टि प्रक्रिया चल रही है, वे भी जल्द ही लागू होने लगेंगे।' यह बयान उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है।
आगे की राह और अपेक्षाएँ
वित्त वर्ष 2027 का 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 के 863 अरब डॉलर से करीब 16 प्रतिशत की छलाँग माँगता है — जो महत्वाकांक्षी है, लेकिन असंभव नहीं। FTA नेटवर्क के विस्तार, सेवा निर्यात की बढ़ती हिस्सेदारी और चीन-प्लस-वन रणनीति अपनाने वाली वैश्विक कंपनियों के भारत की ओर रुख के चलते विशेषज्ञ इस लक्ष्य को व्यावहारिक मानते हैं। अब देखना यह होगा कि वैश्विक माँग में किसी और गिरावट की स्थिति में भारत इस गति को बनाए रख पाता है या नहीं।