कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025: चुने गए यात्रियों ने कहा — 'महादेव ने दिया बुलावा, हम सौभाग्यशाली हैं'

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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025: चुने गए यात्रियों ने कहा — 'महादेव ने दिया बुलावा, हम सौभाग्यशाली हैं'

सारांश

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चुने गए श्रद्धालुओं ने 21 मई को अपनी खुशी साझा की। नोएडा के आशीष खन्ना दंपती सहित कई यात्रियों ने इसे भगवान शिव का बुलावा बताया और विदेश मंत्रालय के आयोजन की सराहना की।

मुख्य बातें

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चुने गए यात्रियों ने 21 मई को अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
नोएडा निवासी आशीष खन्ना और उनकी पत्नी बागिशाली दोनों का नाम लकी ड्रॉ में आया।
दिल्ली के अमित वर्मा वेटिंग लिस्ट में थे; सरकारी नियम के तहत पूर्व यात्री सीधे कन्फर्म नहीं होते।
भूषण शर्मा ने विदेश मंत्रालय , प्रियंशु जी और सचिन कौशिक जी का विशेष आभार व्यक्त किया।
यात्रा के लिए हर वर्ष हज़ारों आवेदन आते हैं; सीमित स्थानों के कारण लकी ड्रॉ से चयन होता है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चयनित श्रद्धालुओं ने 21 मई को अपनी खुशी और कृतज्ञता जाहिर की। चुने गए यात्रियों ने इस अवसर को जीवन का सबसे पवित्र सौभाग्य बताया और कहा कि भगवान शिव की कृपा से उन्हें यह दुर्लभ अवसर मिला है। विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित लकी ड्रॉ के ज़रिये इन यात्रियों का चयन हुआ।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

लखनऊ के मूल निवासी और वर्तमान में नोएडा में रह रहे आशीष खन्ना ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनकी और उनकी पत्नी दोनों का नाम लकी ड्रॉ में आया है। उन्होंने कहा, 'मैं बहुत खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूँ। करीब सौ लोगों में से महादेव ने हमें चुना है। मैं और मेरी पत्नी दोनों को यह अवसर मिला है। हम खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं।'

आशीष की पत्नी बागिशाली ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, 'हर हर महादेव। महादेव ने हमें बुलावा दिया है। हम बहुत समय से इसके लिए प्रयास कर रहे थे।' दंपती ने इस यात्रा को दीर्घ प्रतीक्षा का फल बताया।

वेटिंग लिस्ट और सरकारी नियम

दिल्ली के अमित वर्मा ने बताया कि वे वेटिंग लिस्ट में थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के नियमों के अनुसार जो यात्री पहले यह यात्रा कर चुके हैं, उन्हें सीधे कन्फर्म नहीं किया जाता — रिक्त स्थान होने पर ही वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को अवसर दिया जाता है। वर्मा ने सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा, 'सरकार यात्रा को बहुत सुंदर और अच्छे तरीके से आयोजित करती है। हम उम्मीद करते हैं कि वेटिंग लिस्ट वालों को भी जल्दी मौका मिले।'

विदेश मंत्रालय की सराहना

भूषण शर्मा ने भगवान शिव का विशेष आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें एक बार फिर कैलाश धाम जाने की कृपा मिली है। उन्होंने विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री का भी धन्यवाद किया। शर्मा ने कहा, 'विदेश मंत्रालय ने बहुत प्रेम और सत्कार के साथ हमारा स्वागत किया। मैं प्रियंशु जी और सचिन कौशिक जी का भी विशेष धन्यवाद करना चाहता हूँ, जिन्होंने इस पूरे कार्यक्रम को इतने श्रद्धापूर्वक और प्रेम से आयोजित किया।' उन्होंने मीडिया का भी शुक्रिया अदा किया।

यात्रा का आध्यात्मिक महत्व

कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तक पहुँचने के लिए यह यात्रा शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से कठिन मानी जाती है। गौरतलब है कि हर वर्ष हज़ारों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन सीमित स्थानों के कारण लकी ड्रॉ से चयन किया जाता है। चुने गए सभी यात्रियों ने इस अनुभव को जीवन का यादगार और पवित्र पड़ाव बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्षों की राजनयिक ठंडक के बाद संभव हुई है। यात्रियों की भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ इस यात्रा के गहरे आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करती हैं, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि लकी ड्रॉ प्रणाली में पारदर्शिता और वेटिंग लिस्ट की स्पष्ट समय-सीमा की माँग वर्षों से उठती रही है। विदेश मंत्रालय की प्रशंसा स्वाभाविक है, पर असली कसौटी यह होगी कि इस वर्ष कितने बैच सुरक्षित रूप से यात्रा पूरी कर पाते हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चयन कैसे होता है?
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चयन विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित लकी ड्रॉ के माध्यम से होता है। सरकारी नियम के तहत जो यात्री पहले यह यात्रा कर चुके हैं, उन्हें सीधे कन्फर्म नहीं किया जाता — रिक्त स्थान होने पर वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को प्राथमिकता दी जाती है।
इस वर्ष किन यात्रियों का कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चयन हुआ?
21 मई को नोएडा निवासी आशीष खन्ना और उनकी पत्नी बागिशाली, दिल्ली के अमित वर्मा तथा भूषण शर्मा सहित कई श्रद्धालुओं ने अपने चयन की पुष्टि की। इन सभी ने विदेश मंत्रालय के आयोजन की सराहना की।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का आध्यात्मिक महत्व क्या है?
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास माना जाता है और मानसरोवर झील को सबसे पवित्र जलाशयों में से एक।
वेटिंग लिस्ट में शामिल यात्रियों को कब मौका मिलता है?
सरकारी नियमों के अनुसार जब किसी कन्फर्म यात्री की जगह रिक्त होती है, तब वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को अवसर दिया जाता है। दिल्ली के अमित वर्मा इसी प्रक्रिया के तहत यात्रा में शामिल हो सके।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन कौन करता है?
इस यात्रा का आयोजन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा किया जाता है। यात्रियों ने मंत्रालय के अधिकारियों प्रियंशु जी और सचिन कौशिक जी के श्रद्धापूर्ण आयोजन की विशेष प्रशंसा की।
राष्ट्र प्रेस
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