RBI वित्त वर्ष 2026 में सरकार को देगी ₹3.5 लाख करोड़ तक का रिकॉर्ड डिविडेंड: रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2.7 लाख करोड़ से ₹3.5 लाख करोड़ के बीच रिकॉर्ड सरप्लस डिविडेंड ट्रांसफर कर सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस हस्तांतरण को अंतिम रूप देने के लिए RBI बोर्ड की बैठक शुक्रवार, 23 मई 2025 को प्रस्तावित है। यदि ऊपरी सीमा को मंजूरी मिलती है, तो यह केंद्रीय बैंक द्वारा अब तक सरकार को किया गया सबसे बड़ा एकल डिविडेंड भुगतान होगा।
पिछले वर्ष से कितना अधिक
बीते वित्त वर्ष 2024-25 में RBI ने केंद्र सरकार को ₹2.69 लाख करोड़ का डिविडेंड ट्रांसफर किया था। इस बार अनुमानित राशि उससे 30% तक अधिक हो सकती है। गौरतलब है कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में RBI का डिविडेंड भुगतान तीन गुने से भी अधिक बढ़ चुका है, जो केंद्र सरकार के गैर-कर राजस्व का एक अहम स्तंभ बन गया है।
इतनी बड़ी रकम के पीछे क्या कारण
रिपोर्टों के अनुसार, इस असाधारण वृद्धि के पीछे कई कारक एक साथ काम कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए में कथित तौर पर लगभग 10% का अवमूल्यन हुआ, जिससे RBI की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों का मूल्यांकन बढ़ा और उसकी बैलेंस शीट का विस्तार हुआ।
इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने रुपए की अत्यधिक कमजोरी को थामने के लिए मुद्रा बाज़ारों में डॉलर बेचकर सक्रिय हस्तक्षेप किया, जिससे भी उसे लाभ हुआ। वित्त वर्ष के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 3% बढ़कर करीब $688 अरब पहुँच गया, जिसने RBI की आय को और मज़बूती दी।
विदेशी मुद्रा परिचालन के अतिरिक्त, निवेश पोर्टफोलियो से उच्च प्रतिफल (हाई यील्ड) और मुद्रा मुद्रण गतिविधियों से प्राप्त आय ने भी अनुमानित सरप्लस में योगदान दिया।
सरकारी वित्त पर असर
यह डिविडेंड केंद्र सरकार के लिए गैर-कर राजस्व का एक निर्णायक स्रोत है। रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया था कि वित्त वर्ष 2026-27 में RBI का डिविडेंड ट्रांसफर ₹2 लाख करोड़ से ₹2.5 लाख करोड़ के उच्च स्तर पर बना रह सकता है — हालाँकि वर्तमान वित्त वर्ष का अनुमान उससे भी काफी आगे निकल गया है। यह राशि राजकोषीय घाटे के प्रबंधन और पूँजीगत व्यय के वित्तपोषण में सरकार को महत्वपूर्ण राहत देती है।
RBI का आधिकारिक रुख
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपेक्षित डिविडेंड भुगतान की राशि पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। बोर्ड बैठक के बाद ही अंतिम आँकड़े सार्वजनिक होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार राजकोषीय सुदृढ़ीकरण की राह पर है और अतिरिक्त गैर-कर संसाधन उसकी योजनाओं को गति दे सकते हैं।