ट्विशा शर्मा मौत मामला: सास गिरिबाला सिंह ने मौत के अगले दिन न्यायपालिका से जुड़े लोगों को किए कॉल, परिजनों की CBI जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में चर्चित पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक नया और गंभीर खुलासा सामने आया है। परिजनों के दावे के अनुसार, ट्विशा की मौत के अगले ही दिन उनकी सास गिरिबाला सिंह ने कई फोन कॉल्स किए, जिनमें कथित तौर पर न्यायपालिका से जुड़े जज और जस्टिस स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। परिवार ने इन सभी कॉल्स की विस्तृत फॉरेंसिक जांच की माँग की है।
परिवार का दावा: न्यायपालिका से जुड़े नंबरों पर हुई कॉल्स
ट्विशा के परिजनों ने कई फोन नंबर सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया है कि गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मौत के अगले दिन इन नंबरों पर कॉल किए। परिवार का कहना है कि इनमें से कुछ नंबर न्यायपालिका से जुड़े लोगों — जज और जस्टिस स्तर के अधिकारियों — के हैं। यह दावा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
परिजनों के अनुसार, 13 मई को सीसीटीवी फुटेज इंस्टॉल करने वाले युवकों को भी गिरिबाला के नंबर से फोन किए गए। परिवार इसे संभावित साक्ष्य से छेड़छाड़ की कोशिश मान रहा है।
डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने की माँग
परिजनों ने जाँच एजेंसियों से माँग की है कि सभी संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड तत्काल सुरक्षित किए जाएँ। इनमें शामिल हैं — कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन, इंटरनेट उपयोग, ईमेल, एसएमएस, व्हाट्सएप चैट्स और उनका बैकअप, सोशल मीडिया अकाउंट्स, क्लाउड डेटा, लोकेशन हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्डिंग्स और सीसीटीवी फुटेज।
परिवार ने यह भी माँग की है कि आरोपी पक्ष से जुड़े सभी व्यक्तियों — रिश्तेदार, सहयोगी, वकील, ड्राइवर, घरेलू स्टाफ और घटना से पहले या बाद में ट्विशा के संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति — के फोन रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियाँ भी तुरंत सुरक्षित की जाएँ।
फरार पति पर इनाम, पुलिस जाँच जारी
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से उनके पति समर्थ सिंह फरार हैं। पुलिस उनकी सक्रिय तलाश कर रही है और उन पर इनाम भी घोषित किया जा चुका है। अब तक वे पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात, CBI जांच की माँग
न्याय की माँग को लेकर परिजन बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिले। मुख्यमंत्री ने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। परिजन इस मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से कराने की माँग पर अड़े हैं।
यह मामला मध्य प्रदेश में न्यायिक और पुलिस तंत्र दोनों पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और फरार आरोपी की गिरफ्तारी इस मामले का रुख तय करेगी।