हरिपुर कालसी में उत्तराखंड का पहला यमुना घाट, सीएम धामी ने जुलाई तक पूर्ण करने के दिए निर्देश

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हरिपुर कालसी में उत्तराखंड का पहला यमुना घाट, सीएम धामी ने जुलाई तक पूर्ण करने के दिए निर्देश

सारांश

यमुनोत्री धाम की भूमि उत्तराखंड में अब तक कोई विकसित यमुना घाट नहीं था — सीएम धामी ने यह कमी दूर करने का बीड़ा उठाया। हरिपुर कालसी में एक किलोमीटर लंबा भव्य घाट और 25 फुट ऊँची मां यमुना प्रतिमा — जुलाई 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी में उत्तराखंड के पहले भव्य यमुना घाट का कार्य जुलाई 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
घाट का शिलान्यास वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर किया गया था।
करीब एक किलोमीटर लंबा यह घाट उत्तराखंड में यमुना नदी का पहला विशाल सुविकसित घाट होगा।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) परियोजना की नोडल एजेंसी है।
पुराने पुल के पिलर पर 25 फुट ऊँची मां यमुना की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी प्रारंभ।
घाट के निकट विशाल मंदिर निर्माण के लिए भूमि दान में प्राप्त; आगामी बजट में भी धनराशि का प्रावधान।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जनपद के हरिपुर कालसी में निर्माणाधीन राज्य के पहले भव्य यमुना घाट का कार्य जुलाई 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं। यह महत्वाकांक्षी परियोजना देवभूमि उत्तराखंड में यमुना तट पर एक सुनियोजित धार्मिक तीर्थ स्थल की दीर्घकालीन आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

परियोजना की पृष्ठभूमि और शिलान्यास

इस घाट का शिलान्यास मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर किया था। यह उल्लेखनीय है कि यमुनोत्री धाम — मां यमुना का उद्गम स्थल — उत्तराखंड में होने के बावजूद, राज्य में अब तक कोई ऐसा सुविकसित घाट नहीं था जहाँ श्रद्धालु विधिवत स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठान कर सकें। मुख्यमंत्री धामी ने इस कमी को गंभीरता से लेते हुए इसे अपनी घोषणा सूची में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया।

घाट की विशेषताएँ और नोडल एजेंसी

करीब एक किलोमीटर लंबा यह घाट उत्तराखंड में यमुना नदी का पहला विशाल घाट होगा, जहाँ हज़ारों श्रद्धालु एक साथ स्नान एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे। घाट निर्माण की देखरेख के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। घाट के निकट पुराने पुल के पिलर पर 25 फुट ऊँची मां यमुना की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियाँ भी प्रारंभ हो चुकी हैं।

ऐतिहासिक धरोहर का पुनरुद्धार

ऐतिहासिक उल्लेखों के अनुसार, हरिपुर यमुना घाट कभी एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल रहा था, जो बाढ़ की विनाशलीला में बह गया था। मुख्यमंत्री धामी ने इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने का संकल्प लेते हुए भव्य घाट निर्माण की पहल की। यह परियोजना जौनसार-बावर क्षेत्र सहित श्रीकृष्ण एवं मां यमुना में आस्था रखने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का केंद्र बनने की संभावना रखती है।

सरकार की प्रतिबद्धता और वित्तीय प्रावधान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हरिपुर यमुना घाट को एक प्रमुख धार्मिक धाम के रूप में विकसित करने के लिए पूर्णतः वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि आगामी बजट में भी इस परियोजना के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। घाट के समीप एक विशाल मंदिर के निर्माण हेतु भूमि दान स्वरूप प्राप्त हो चुकी है, जिस पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

आगे क्या होगा

प्रशासन को जुलाई 2026 तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। परियोजना के पूर्ण होने पर हरिपुर कालसी को धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल के रूप में पुनः स्थापित किया जाएगा, जो उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन परिदृश्य को नई दिशा देने में सहायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

धार्मिक बुनियादी ढाँचे में नियोजन की कमी को दर्शाता है। सीएम धामी की यह पहल राजनीतिक रूप से सुविचारित है, क्योंकि जौनसार-बावर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से विकास की दृष्टि से उपेक्षित रहा है। असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — जुलाई की समयसीमा महत्वाकांक्षी है और एमडीडीए की परियोजना-प्रबंधन क्षमता पर निर्भर करती है। यदि यह घाट समय पर और गुणवत्ता के साथ पूर्ण होता है, तो यह उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक नया केंद्र स्थापित कर सकता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिपुर कालसी यमुना घाट क्या है और यह क्यों खास है?
हरिपुर कालसी यमुना घाट उत्तराखंड का पहला भव्य सुविकसित यमुना घाट है, जो देहरादून जनपद में निर्माणाधीन है। यमुनोत्री धाम का गृह राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड में अब तक ऐसा कोई घाट नहीं था जहाँ श्रद्धालु विधिवत स्नान और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।
यमुना घाट का निर्माण कब तक पूरा होगा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को जुलाई 2026 तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। परियोजना की नोडल एजेंसी मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) इसकी देखरेख कर रही है।
इस घाट का शिलान्यास कब और किसने किया था?
इस घाट का शिलान्यास मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर किया था। यह परियोजना उनकी घोषणा सूची का हिस्सा है।
घाट में क्या-क्या सुविधाएँ होंगी?
करीब एक किलोमीटर लंबे इस घाट पर हज़ारों श्रद्धालु स्नान एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इसके अलावा पुराने पुल के पिलर पर 25 फुट ऊँची मां यमुना की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और घाट के निकट एक विशाल मंदिर के निर्माण के लिए भूमि दान में प्राप्त हो चुकी है।
यह परियोजना किस क्षेत्र के लोगों को लाभ पहुँचाएगी?
यह घाट जौनसार-बावर क्षेत्र सहित श्रीकृष्ण एवं मां यमुना में आस्था रखने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, यह परियोजना हरिपुर कालसी को धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल के रूप में पुनः स्थापित करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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