उत्तराखंड: सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्मॉल हाइड्रो पावर योजना पर उल्लास व्यक्त किया, पीएम मोदी को धन्यवाद
सारांश
Key Takeaways
- स्मॉल हाइड्रो पावर योजना का उद्देश्य जल विद्युत परियोजनाओं का विकास है।
- इस योजना की कुल लागत 2,584.60 करोड़ रुपए है।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना को 2026-27 से 2030-31 तक मंजूरी दी।
- स्मॉल हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से रोजगार सृजन होगा।
- भारत औद्योगिक विकास योजना 100 औद्योगिक पार्कों का विकास करेगी।
देहरादून, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के दो महत्वपूर्ण निर्णयों पर खुशी व्यक्त की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। ये निर्णय पर्वतीय राज्यों और देश के औद्योगिक विकास के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे हैं।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए स्मॉल हाइड्रो पावर (एसएचपी) विकास योजना का उल्लेख किया। केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त वर्ष २०२६-२७ से २०३०-३१ तक इस योजना को मंजूरी दी है, जिसमें कुल लागत २,५८४.६० करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इस योजना के तहत लगभग १,५०० मेगावाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजनाएं (१ से २५ मेगावाट) स्थापित की जाएंगी। यह योजना उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी।
धामी ने लिखा, "यह योजना उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। यह निर्णय न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, बल्कि सतत और संतुलित विकास को भी नई दिशा देगा।" उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।
उत्तराखंड में नदियों और जल स्रोतों की प्रचुरता के कारण छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने इसे एक दूरदर्शी पहल बताया, जो राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी।
एक अन्य पोस्ट में सीएम धामी ने भारत औद्योगिक विकास योजना (बीएचएवीवाईए) की सराहना की। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत ३३,६६० करोड़ रुपए की लागत से देशभर में १०० प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। ये पार्क निवेशकों को तैयार बुनियादी ढांचा, बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएं प्रदान करेंगे, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी।
धामी ने लिखा, "यह महत्वाकांक्षी योजना विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे निवेश में वृद्धि होगी, रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।" उन्होंने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को सशक्त बनाने वाला बताया, जो भारत को वैश्विक औद्योगिक हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।