एयर इंडिया फ्लाइट AI 2651 बेंगलुरु में टेल स्ट्राइक का शिकार, 179 यात्री-क्रू सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया की दिल्ली-बेंगलुरु फ्लाइट एआई 2651 21 मई 2026 को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बेंगलुरु पर लैंडिंग के दौरान टेल स्ट्राइक का शिकार हो गई। विमान में सवार 179 यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। एयरलाइन ने पुष्टि की कि सभी लोग सामान्य रूप से विमान से उतरे।
घटनाक्रम: क्या हुआ बेंगलुरु एयरपोर्ट पर
लैंडिंग के दौरान विमान के पिछले हिस्से के रनवे से टकराने की घटना सामने आई, जिसे विमानन शब्दावली में टेल स्ट्राइक कहा जाता है। एयर इंडिया के अनुसार, विमान सुरक्षित रूप से उतरा और किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को चोट नहीं आई। घटना के तुरंत बाद विमान को निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत तकनीकी जांच के लिए रोक दिया गया।
वापसी उड़ान रद्द, यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
विमान के उड़ान भरने में असमर्थ होने के कारण बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली वापसी उड़ान एआई 2652 रद्द कर दी गई। एयरलाइन ने बताया कि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। जांच निर्धारित विमानन प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी।
पृष्ठभूमि: अहमदाबाद हादसे की जांच अंतिम चरण में
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने हाल ही में बताया कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया फ्लाइट एआई 171 — एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर — के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच अंतिम चरण में है। उस हादसे में 260 लोगों की जान गई थी।
नायडू ने कहा कि जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा की जा रही है और एक महीने के भीतर पूरी होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रालय जांच में हस्तक्षेप नहीं करता और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी।
पीड़ित परिवारों की चिंताएँ और मंत्रालय का रुख
एआई 171 हादसे के पीड़ितों के कुछ परिवारों ने एयरलाइन से संचार की कमी और मुआवजे में देरी को लेकर चिंताएँ जताई हैं। नायडू ने कहा कि मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और एयर इंडिया के साथ संपर्क में है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जांच के अधीन होगी, क्योंकि दुर्घटनाग्रस्त विमान में विदेशी नागरिक भी सवार थे।
आगे क्या
बेंगलुरु टेल स्ट्राइक की जांच विमानन नियामक प्रक्रियाओं के तहत जारी है। गौरतलब है कि भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र इस समय एयर इंडिया से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं की जांच के दबाव में है — एक में कोई हताहत नहीं हुआ, दूसरी देश के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक बन चुकी है।