क्या सरकार ने एयर इंडिया के एआई-171 विमान दुर्घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की?

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क्या सरकार ने एयर इंडिया के एआई-171 विमान दुर्घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की?

सारांश

भारत सरकार ने एयर इंडिया के एआई-171 विमान दुर्घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति दुर्घटना के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगी। जानिए इस समिति में कौन-कौन शामिल हैं और इसकी कार्यप्रणाली क्या होगी।

मुख्य बातें

एयर इंडिया एआई-171 की दुर्घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन।
समिति का उद्देश्य दुर्घटना के कारणों का पता लगाना और सुरक्षा उपायों को सुधारना है।
समिति में विभिन्न विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का समावेश।
समिति को तीन महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश।
हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई नीतियों का सुझाव।

नई दिल्ली, 14 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार ने एयर इंडिया के फ्लाइट एआई-171 की दुर्घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

यह फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे की ओर बढ़ रही थी, जब यह 12 जून को उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

इस विमान में सवार 242 लोगों में से केवल एक व्यक्ति ही बच सका। दुर्घटना में 241 व्यक्तियों की जान चली गई, जो हाल के वर्षों में एक सबसे बड़ी हवाई दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि समिति दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास करेगी और यह देखेगी कि आखिर क्या गलत हुआ।

समिति मौजूदा सुरक्षा नियमों की समीक्षा करेगी और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नए उपाय सुझाएगी।

यह समिति विभिन्न एजेंसियों द्वारा चल रही अन्य जांचों का स्थान नहीं लेगी, बल्कि नीतियों और सुरक्षा दिशा-निर्देशों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

इस उच्चस्तरीय टीम का नेतृत्व केंद्रीय गृह सचिव करेंगे। इसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय वायु सेना, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, इंटेलिजेंस ब्यूरो और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

गुजरात सरकार, अहमदाबाद पुलिस, आपदा प्रतिक्रिया प्राधिकरण और फोरेंसिक साइंस के विशेषज्ञ भी इस टीम का हिस्सा होंगे।

जरूरत पड़ने पर पैनल में अतिरिक्त विमानन विशेषज्ञ, कानूनी सलाहकार या जांचकर्ता शामिल किए जा सकते हैं।

समिति के पास उड़ान डेटा, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग, विमान रखरखाव लॉग, एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) लॉग और गवाहों के बयान जैसे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड तक पहुंच होगी।

यह समिति दुर्घटना स्थल का दौरा भी करेगी और इसमें शामिल लोगों से बात करेगी, जिसमें क्रू मेंबर्स, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और रेस्क्यू टीम शामिल हैं।

अगर दुर्घटना में अंतरराष्ट्रीय तत्व शामिल पाए जाते हैं तो समिति विदेशी एजेंसियों और विमान निर्माताओं के साथ समन्वय करेगी।

समूह को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। दुर्घटना के मूल कारण का पता लगाने के अलावा, समिति यह भी समीक्षा करेगी कि बचाव अभियान कैसे चलाए गए और आपातकाल के दौरान विभिन्न एजेंसियों ने कैसे समन्वय किया।

समिति ऐसी घटनाओं के दौरान प्रशिक्षण, संचार और केंद्रीय तथा राज्य स्तर के अधिकारियों की भूमिका में सुधार के सुझाव देगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हवाई दुर्घटनाओं के प्रति भारत की प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कदम भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। समिति का गठन न केवल जांच के लिए आवश्यक है, बल्कि यह भविष्य में सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने का अवसर भी प्रदान करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया के एआई-171 दुर्घटना की जांच कौन करेगा?
भारत सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है जो इस दुर्घटना की जांच करेगी।
समिति की रिपोर्ट कब तक आएगी?
समिति को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
इस समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
इस समिति में केंद्रीय गृह सचिव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय वायु सेना, और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं।
दुर्घटना के कारणों की जांच कैसे होगी?
समिति उड़ान डेटा, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की समीक्षा करेगी।
क्या समिति भविष्य में सुरक्षा उपाय सुझाएगी?
हां, समिति मौजूदा सुरक्षा नियमों की समीक्षा करके नए उपाय सुझाने का प्रयास करेगी।
राष्ट्र प्रेस