एयर इंडिया बोइंग विमान दुर्घटना पर एएआईबी की रिपोर्ट जल्द आएगी: के. राम मोहन नायडू
सारांश
Key Takeaways
- एएआईबी एयर इंडिया के बोइंग विमान दुर्घटना की जांच कर रहा है।
- रिपोर्ट इस साल के अंत तक जारी होगी।
- अहमदाबाद में हुई दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई।
- केंद्र सरकार नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
- पश्चिम एशिया में नागरिकों की वापसी के लिए उड़ान संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि पिछले साल जून में अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के बोइंग विमान के मामले में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) तेजी से जांच कर रहा है और रिपोर्ट जल्द ही जारी की जाएगी।
यह बोइंग 787 फ्लाइट एआई171 12 जून, 2025 को अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 241 यात्रियों समेत कुल 260 लोग अपनी जान गंवा बैठे थे।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने बताया, "इस दुर्घटना की जांच को लेकर एएआईबी सभी आवश्यक संसाधनों के साथ तेजी से कार्य कर रहा है।"
उन्होंने यह भी कहा, "मुझे विश्वास है कि इस साल के अंत तक रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी।"
उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान, एक पूरक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ईरान युद्ध के कारण फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए पश्चिम एशिया के लिए उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
पश्चिम एशिया की स्थिति और उड़ान संचालन की सुरक्षा के संदर्भ में नायडू ने कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइंस से तुरंत संपर्क किया और आवश्यक सर्कुलर जारी किए।
उन्होंने कहा कि डीजीसीए के अधिकारियों ने एयरलाइंस के साथ कई बैठकें की हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे पश्चिम एशिया के हवाई अड्डों पर जाने वाले विमानों की 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए ही उड़ानें संचालित करें।
यात्रियों को भ्रम से बचाने के लिए यात्रा संबंधी सलाह भी जारी की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच एयरलाइंस सेवाओं के लिए उपलब्ध स्लॉट का गहनता से अध्ययन कर रही हैं और पिछले सप्ताह लगभग 90,000 लोग भारत की यात्रा कर पाए हैं।
उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर होगी, जिससे अधिक लोग विमानों के माध्यम से यात्रा कर सकेंगे।"