डुबारे हादसे के बाद साकरेबैले एलीफेंट कैंप पर्यटकों के लिए बंद, नई SOP लागू होने तक रोक
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के शिवमोग्गा स्थित साकरेबैले एलीफेंट कैंप को 21 मई 2025 को अस्थायी रूप से पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह कदम मडिकेरी जिले के डुबारे एलीफेंट कैंप में सोमवार को हुई उस दर्दनाक घटना के बाद उठाया गया, जिसमें दो पालतू हाथियों की लड़ाई के दौरान तमिलनाडु की महिला पर्यटक एस. जुनीस की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।
साकरेबैले कैंप पर प्रतिबंध का दायरा
पहले केवल हाथियों को नहलाने और उनसे सीधे संपर्क वाली गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी, जबकि पर्यटकों को दूर से हाथी देखने की अनुमति थी। अब प्रशासन ने किसी भी संभावित अनहोनी से बचने के लिए सभी पर्यटक गतिविधियाँ पूरी तरह निलंबित कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित सुरक्षा दिशा-निर्देश और नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू होने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा।
शिवमोग्गा तालुक के गजानूर के निकट तुंगा जलाशय के बैकवाटर क्षेत्र में स्थित साकरेबैले कैंप कर्नाटक के सबसे लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में से एक है, जहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक हाथियों के साथ विभिन्न गतिविधियों के लिए आते हैं।
डुबारे हादसे का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, चेन्नई निवासी दंपती — एस. जुनीस और उनके पति जोयल — सोमवार सुबह डुबारे एलीफेंट कैंप पहुँचे थे। उन्होंने पहले प्रशिक्षित हाथियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और फिर अन्य पर्यटकों के साथ उस जलक्षेत्र में उतर गए, जहाँ महावत हाथियों को नहला रहे थे। पर्यटक भी इस गतिविधि में सहभागी हो गए।
इसी दौरान 'मार्तंड' और 'कंजन' नाम के दो पालतू हाथी अचानक आपस में भिड़ गए। महावतों ने उन्हें नियंत्रित करने की भरसक कोशिश की, लेकिन संघर्ष जारी रहा। अफरा-तफरी के बीच हाथी मार्तंड कथित तौर पर महिला पर्यटक पर गिर पड़ा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति जोयल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें कुशलनगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हाथी मार्तंड की भी मौत
सूत्रों के अनुसार, लड़ाई में गंभीर रूप से घायल हाथी मार्तंड ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। पशु चिकित्सकों के अनुसार, उसे आंतरिक रूप से गंभीर चोटें आई थीं — वह हमले के दौरान गिर पड़ा और फिर उठ नहीं सका। बताया जा रहा है कि करीब 15 मिनट तक उस पर लगातार हमला होता रहा और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसके हृदय की कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई।
डुबारे कैंप भी बंद, प्रशासन सतर्क
महिला पर्यटक की मौत के बाद प्रशासन ने डुबारे एलीफेंट कैंप को भी पूरी तरह बंद कर दिया है और पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब हाथी कैंपों में पर्यटकों की सुरक्षा और पालतू हाथियों के प्रबंधन को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि पालतू हाथियों से जुड़ी इस तरह की दुर्घटनाएँ कर्नाटक में इससे पहले भी हो चुकी हैं।
आगे क्या होगा
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि नई SOP में हाथियों के साथ पर्यटकों की निकटता, महावतों की संख्या और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों कैंपों में पर्यटन गतिविधियाँ तब तक बंद रहेंगी, जब तक संशोधित दिशा-निर्देश लागू नहीं हो जाते।