29 जुलाई 2026
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पवन कल्याण ने पार्वतीपुरम में कुम्की हाथी कैंप का उद्घाटन किया, इंसान-हाथी टकराव 70% घटाने का लक्ष्य

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पवन कल्याण ने पार्वतीपुरम में कुम्की हाथी कैंप का उद्घाटन किया, इंसान-हाथी टकराव 70% घटाने का लक्ष्य

सारांश

पवन कल्याण ने गुचिमी में कुम्की हाथी कैंप का उद्घाटन कर उत्तरी आंध्र के किसानों और ग्रामीणों को राहत देने की कोशिश की है। चित्तूर में इसी मॉडल से मौतें 70% से अधिक घटीं — अब पार्वतीपुरम-मान्यम में वही सफलता दोहराने का संकल्प है।

मुख्य बातें

पवन कल्याण ने 29 जुलाई 2026 को पार्वतीपुरम-मान्यम जिले के गुचिमी में कुम्की हाथी कैंप का वर्चुअल उद्घाटन किया।
कैंप का उद्देश्य जंगली हाथियों की आवाजाही प्रबंधन, फसल सुरक्षा और इंसान-हाथी टकराव में कमी लाना है।
चित्तूर जिले के पलमनेर में इसी मॉडल से टकराव से होने वाली मौतें 70% से अधिक कम हुईं।
कर्नाटक सरकार ने आंध्र प्रदेश को चार कुम्की हाथी — जयंत और अभिमन्यु सहित — उपलब्ध कराए।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री के.
अच्चन्नायडू और आदिवासी कल्याण मंत्री गुम्माडी संध्या रानी भी उपस्थित रहे।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं पर्यावरण व वन मंत्री पवन कल्याण ने 29 जुलाई 2026 को पार्वतीपुरम-मान्यम जिले के सीतानगरम मंडल के गुचिमी में 'कुम्की' हाथी कैंप का वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने इस कदम को उत्तरी आंध्र में दशकों से चले आ रहे इंसान-हाथी टकराव को सुलझाने की दिशा में एक निर्णायक पहल बताया।

कुम्की कैंप की भूमिका और उद्देश्य

गुचिमी एलिफेंट होल्डिंग एरिया के नाम से स्थापित यह केंद्र जंगली हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित करने, किसानों की फसलों की रक्षा करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। पवन कल्याण ने कहा, 'प्रकृति हमारी नहीं है; हम प्रकृति का हिस्सा हैं, इसलिए हमें इसके साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकाऊ विकास तभी संभव है जब पर्यावरण संरक्षण और मानव हित एक साथ चलें।

चित्तूर से मिली सफलता का अनुभव

पवन कल्याण ने बताया कि चित्तूर जिले के पलमनेर क्षेत्र में कुम्की हाथियों — जयंत और अभिमन्यु — ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किए। आधुनिक तकनीक के उपयोग से वहाँ इंसान-हाथी टकराव से होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत से अधिक की कमी आई और फसल नुकसान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सरकार अब पार्वतीपुरम-मान्यम में भी इसी मॉडल को लागू करना चाहती है।

कर्नाटक का सहयोग और चार कुम्की हाथी

डिप्टी सीएम ने आंध्र प्रदेश को चार कुम्की हाथी उपलब्ध कराने के लिए कर्नाटक सरकार और वहाँ के नागरिकों का विशेष आभार जताया। उन्होंने इसे पड़ोसी राज्य की उदारता और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, 'वहाँ के लोग हाथियों को तोहफे में देना धन साझा करने जैसा मानते हैं। तेलुगु लोगों की सुरक्षा की चिंता और प्यार के कारण इन हाथियों को भेजने के लिए हम कर्नाटक सरकार और वहाँ के लोगों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।'

समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

उद्घाटन कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू और आदिवासी कल्याण मंत्री गुम्माडी संध्या रानी भी शामिल हुईं। यह कार्यक्रम उस क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है जहाँ आदिवासी समुदाय लंबे समय से जंगली हाथियों के हमलों और फसल नुकसान की समस्या झेल रहे हैं।

आगे की राह

पवन कल्याण ने इस कैंप को आंध्र प्रदेश के लोगों को समर्पित करते हुए उम्मीद जताई कि यह मंच इंसानों और हाथियों के सह-अस्तित्व की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में वन्यजीव-मानव संघर्ष की घटनाएँ बढ़ रही हैं और राज्य सरकारें नए प्रबंधन मॉडल की तलाश में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पार्वतीपुरम-मान्यम का भौगोलिक और सामाजिक परिदृश्य अलग है — यहाँ घना जंगल, आदिवासी बहुल आबादी और हाथियों की अधिक संख्या एक जटिल चुनौती पेश करती है। असली कसौटी यह है कि क्या चार कुम्की हाथी और एक होल्डिंग एरिया उस स्तर के दबाव को संभाल सकते हैं जो इस क्षेत्र में वर्षों से बना हुआ है। साथ ही, दीर्घकालिक सफलता के लिए स्थानीय आदिवासी समुदायों की भागीदारी और वन गलियारों की बहाली उतनी ही ज़रूरी है जितनी तकनीकी हस्तक्षेप।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुम्की हाथी कैंप क्या है और यह कहाँ बनाया गया है?
कुम्की हाथी कैंप आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम-मान्यम जिले के सीतानगरम मंडल के गुचिमी में स्थापित किया गया है। इसे 'गुचिमी एलिफेंट होल्डिंग एरिया' भी कहा जाता है और इसका उद्देश्य जंगली हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित कर इंसान-हाथी टकराव को कम करना है।
पवन कल्याण ने इस कैंप का उद्घाटन कब किया?
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने 29 जुलाई 2026 को इस कैंप का वर्चुअल उद्घाटन किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू और आदिवासी कल्याण मंत्री गुम्माडी संध्या रानी भी शामिल हुईं।
कुम्की हाथी कैसे इंसान-हाथी टकराव कम करने में मदद करते हैं?
प्रशिक्षित कुम्की हाथी वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जंगली हाथियों को गाँवों और खेतों से दूर हाँकने में मदद करते हैं। चित्तूर जिले के पलमनेर में जयंत और अभिमन्यु नामक कुम्की हाथियों और आधुनिक तकनीक के उपयोग से टकराव से होने वाली मौतें 70% से अधिक कम हुईं।
कर्नाटक ने आंध्र प्रदेश को कुम्की हाथी क्यों दिए?
कर्नाटक सरकार ने आंध्र प्रदेश को चार कुम्की हाथी भेजे, जिसे पवन कल्याण ने पड़ोसी राज्य की उदारता और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के लोग हाथियों को तोहफे में देना धन साझा करने जैसा मानते हैं।
इस कैंप से पार्वतीपुरम-मान्यम के किसानों और ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
इस कैंप से किसानों की फसलें जंगली हाथियों के हमलों से सुरक्षित होंगी और ग्रामीणों को रात में डर के साये में जीने से राहत मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि चित्तूर जैसी 70% से अधिक की कमी यहाँ भी हासिल की जाए।
राष्ट्र प्रेस
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