दुबारे हाथी शिविर हादसा: मंत्री बोसराजु ने कड़े निर्देश दिए, तमिलनाडु की महिला पर्यटक की मौत के बाद सुरक्षा समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के लघु सिंचाई, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री तथा मडिकेरी जिले के प्रभारी मंत्री एन.एस. बोसराजु ने मंगलवार, 20 मई 2025 को जिला प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए कि दुबारे हाथी शिविर में पर्यटकों के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश सोमवार को शिविर में दो प्रशिक्षित हाथियों के बीच हुई लड़ाई के दौरान तमिलनाडु की एक 33 वर्षीय महिला पर्यटक की मौत के बाद आया है।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मडिकेरी स्थित दुबारे हाथी कैंप में सोमवार सुबह तमिलनाडु से आया एक दंपती पहुँचा था। शुरुआत में दोनों ने प्रशिक्षित हाथियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इसके बाद जब महावत हाथियों को नहलाने के लिए नदी में ले जा रहे थे, तो यह दंपती भी अन्य पर्यटकों के साथ पानी में उतर गया और हाथियों को नहलाने में हाथ बँटाने लगा।
उसी दौरान 'मार्तंडा' और 'कंजन' नामक दो हाथियों के बीच अचानक झड़प शुरू हो गई। महावतों ने बार-बार उन्हें काबू करने की कोशिश की, लेकिन वे लड़ते रहे। इस अफरा-तफरी में बताया जाता है कि हाथी मार्तंडा अचानक महिला पर्यटक पर गिर पड़ा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतका की पहचान 33 वर्षीय एस. जुनेश के रूप में हुई है। उनके पति जोयल इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें कुशालनगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंत्री की प्रतिक्रिया और निर्देश
एन.एस. बोसराजु ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मैंने मडिकेरी के डिप्टी कमिश्नर, वन विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मामले पर चर्चा की है और घटना के बारे में प्रारंभिक जानकारी प्राप्त की है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे घटना के सही कारण और पर्यटक दिशानिर्देशों के प्रबंधन में किसी भी तरह की चूक हुई है या नहीं, इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।'
मंत्री ने आगे स्पष्ट किया, 'अधिकारियों और कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन दिशानिर्देशों का सभी लोग अनिवार्य रूप से पालन करें। जिला प्रशासन को उचित ऐहतियाती कदम उठाने चाहिए।'
वन्यजीव व्यवहार और पर्यटक सुरक्षा
बोसराजु ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जंगली जानवरों के व्यवहार और प्रतिक्रियाओं का सटीक अनुमान लगाना किसी के लिए भी संभव नहीं है। उन्होंने अपील की कि वन क्षेत्रों और हाथी शिविरों में जाने वाले पर्यटकों को वन विभाग के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए और जानवरों को देखते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।
गौरतलब है कि दुबारे हाथी शिविर कर्नाटक के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष हज़ारों पर्यटक आते हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब हाथी शिविरों में पर्यटकों की सक्रिय भागीदारी — जैसे हाथियों को नहलाना — एक लोकप्रिय गतिविधि बन चुकी है, जिसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल की पर्याप्तता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
मंत्री के निर्देश के बाद मडिकेरी जिला प्रशासन, वन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से घटना की विस्तृत जाँच कर रहे हैं। अधिकारियों से एक विस्तृत रिपोर्ट माँगी गई है, जिसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुई किसी भी चूक की पहचान की जाएगी। इस हादसे के बाद शिविर में पर्यटकों की गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।