दिल्ली पुलिस का 'नो गन्स, नो गैंग्स' ऑपरेशन: अवैध हथियार गिरोह का भंडाफोड़, 14 पिस्टल और 20 कारतूस बरामद

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दिल्ली पुलिस का 'नो गन्स, नो गैंग्स' ऑपरेशन: अवैध हथियार गिरोह का भंडाफोड़, 14 पिस्टल और 20 कारतूस बरामद

सारांश

दिल्ली की द्वारका पुलिस ने 'नो गन्स, नो गैंग्स' अभियान में बड़ी सफलता पाई — मेवात से मुख्य सरगना हरमेश सिंह गिरफ्तार, कुल 14 पिस्टल और 20 कारतूस बरामद। यह ऑपरेशन राजधानी में अवैध हथियारों की अंतरराज्यीय आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने की बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

द्वारका जिला पुलिस ने 'नो गन्स, नो गैंग्स' अभियान के तहत अवैध हथियार आपूर्ति गिरोह का भंडाफोड़ किया।
ऑपरेशन में कुल 14 पिस्टल (1 आधुनिक + 13 देसी) और 20 जिंदा कारतूस बरामद।
13 सितंबर 2025 को पहला आरोपी कुंवर पाल उर्फ कपिल (27) गिरफ्तार; 18 मई को मेवात के गाँव जुरहेड़ा से मुख्य सरगना हरमेश सिंह उर्फ मेचू पकड़ा गया।
हरमेश सिंह पहले से पाँच आपराधिक मामलों में वांछित था और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी थे।
अभियान का नेतृत्व डीसीपी कुशल पाल सिंह और अतिरिक्त डीसीपी-1 निहारिका भट्ट कर रहे हैं; जाँच जारी है।

दिल्ली की द्वारका जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने 'नो गन्स, नो गैंग्स' अभियान के तहत अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 14 पिस्टल (1 आधुनिक, 13 देसी) और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं तथा दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

अभियान की पृष्ठभूमि

यह अभियान द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह और अतिरिक्त डीसीपी-1 निहारिका भट्ट के नेतृत्व में शुरू किया गया था। इसका मकसद अपराधियों पर शिकंजा कसना और राजधानी में अवैध हथियारों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाना है। गौरतलब है कि दिल्ली में हाल के वर्षों में अवैध हथियारों से जुड़े अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके मद्देनज़र यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

पहली गिरफ्तारी: कुंवर पाल उर्फ कपिल

13 सितंबर 2025 को गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर स्पेशल स्टाफ ने अंतरराज्यीय हथियार सप्लायर कुंवर पाल उर्फ कपिल (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 8 देसी पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इस मामले में बाबा हरिदास नगर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

मुख्य सरगना हरमेश सिंह की गिरफ्तारी

पूछताछ में कुंवर पाल ने हथियार आपूर्ति नेटवर्क के मुख्य सरगना हरमेश सिंह उर्फ रमेश सिंह उर्फ मेचू का नाम उजागर किया। हरमेश फरार था और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके थे। 18 मई को पुलिस ने मेवात क्षेत्र के गाँव जुरहेड़ा में छापेमारी कर उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, हरमेश सिंह पहले से ही पाँच आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।

बरामदगी का पूरा ब्यौरा

हरमेश सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने 1 आधुनिक पिस्टल, 5 देसी पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए। इस पूरे ऑपरेशन में अब तक कुल 1 आधुनिक पिस्टल, 13 देसी पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस ज़ब्त किए जा चुके हैं। यह बरामदगी दर्शाती है कि गिरोह राजधानी और आसपास के राज्यों में हथियारों की व्यापक आपूर्ति श्रृंखला संचालित कर रहा था।

आगे की जाँच

पुलिस ने बताया कि मामले में जाँच जारी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

नो गैंग्स' जैसे अभियान तात्कालिक सफलता तो देते हैं, लेकिन जब तक हथियार निर्माण और तस्करी के मूल स्रोतों पर कार्रवाई नहीं होती, ऐसे नेटवर्क नए सरगनाओं के साथ पुनर्जीवित होते रहते हैं। हरमेश सिंह के पाँच पूर्व आपराधिक मामलों के बावजूद उसका लंबे समय तक फरार रहना यह भी दर्शाता है कि अंतरराज्यीय समन्वय में अभी भी कमियाँ हैं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस का 'नो गन्स, नो गैंग्स' अभियान क्या है?
यह द्वारका जिला पुलिस का विशेष अभियान है जिसका उद्देश्य अपराधियों के हाथों से अवैध हथियार छीनना और हथियार आपूर्ति नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। इस अभियान के तहत अब तक 14 पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए जा चुके हैं।
इस ऑपरेशन में कितने हथियार बरामद हुए और कितने लोग गिरफ्तार हुए?
ऑपरेशन में कुल 1 आधुनिक पिस्टल, 13 देसी पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस बरामद हुए। अब तक दो आरोपी — कुंवर पाल उर्फ कपिल और हरमेश सिंह उर्फ मेचू — गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
मुख्य सरगना हरमेश सिंह को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
हरमेश सिंह उर्फ रमेश सिंह उर्फ मेचू को 18 मई को मेवात क्षेत्र के गाँव जुरहेड़ा में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। वह पहले से पाँच आपराधिक मामलों में वांछित था और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी थे।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस ने बाबा हरिदास नगर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की जाँच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व किसने किया?
अभियान का नेतृत्व द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह और अतिरिक्त डीसीपी-1 निहारिका भट्ट कर रहे हैं। स्पेशल स्टाफ ने गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर यह कार्रवाई की।
राष्ट्र प्रेस
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