बस्तर माओवादी-मुक्त: शाहनवाज हुसैन बोले — अमित शाह ने नक्सलवाद खत्म करने का वादा निभाया

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बस्तर माओवादी-मुक्त: शाहनवाज हुसैन बोले — अमित शाह ने नक्सलवाद खत्म करने का वादा निभाया

सारांश

बस्तर को 'माओवादी-मुक्त' घोषित करने के बाद BJP प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अमित शाह की तारीफ की। शाह ने 31 मार्च 2026 की समयसीमा से पहले ही यह लक्ष्य हासिल करने का दावा किया — जगदलपुर में केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बाद।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर को 'माओवादी-मुक्त' घोषित किया — निर्धारित समयसीमा 31 मार्च 2026 से पहले।
यह घोषणा जगदलपुर में केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई — पहली बार बस्तर में हुई यह बैठक।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे देश के लिए 'बहुत बड़ी उपलब्धि' बताया और अमित शाह को बधाई दी।
BJP प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि देशभर में जनता गृह मंत्री की सराहना कर रही है।
शिंदे ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में भी नक्सलवाद-विरोधी प्रयासों को एक बड़ी उपलब्धि बताया।

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा छत्तीसगढ़ के बस्तर को 'माओवादी-मुक्त' घोषित किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने 19 मई को कहा कि देशभर में लोग अमित शाह की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने नक्सलवाद समाप्त करने का अपना संकल्प पूरा करके दिखाया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने भी इस घोषणा को देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि करार दिया।

मुख्य घोषणा: जगदलपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में आयोजित केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐलान किया। उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च 2026 की निर्धारित समयसीमा से पहले ही बस्तर सहित देश के कई हिस्सों से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक का आयोजन पहली बार बस्तर में किया गया — जो स्वयं में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।

एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अमित शाह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, 'मैं गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद और बधाई देता हूँ। उन्होंने घोषणा की थी कि भारत को नक्सलवाद से मुक्त किया जाएगा और आज हमने देखा कि बस्तर माओवादी-मुक्त हो गया है।' शिंदे ने आगे कहा, 'पूरा भारत भी अब नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है और यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।'

शिवसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने गढ़चिरौली जिले से नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में भी लगातार काम किया है।

आम जनता पर असर

एकनाथ शिंदे ने उम्मीद जताई कि जिन इलाकों से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हुआ है, वहाँ अब तेज़ी से विकास होगा। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में सड़कें बनेंगी, स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर होंगी और शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार आएगा — जिसका स्थानीय लोगों के जीवन पर सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही रोज़गार के नए अवसर भी खुलने की संभावना जताई गई है।

शाहनवाज हुसैन का बयान

BJP प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि देशभर में जनता गृह मंत्री की तारीफ कर रही है। उनके अनुसार अमित शाह ने जो वादा किया था, उसे समयसीमा से पहले पूरा करना सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ वर्षों में बस्तर संभाग में नक्सल-विरोधी अभियानों को तेज़ किया था।

क्या होगा आगे

नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास कार्यों को गति देने की योजना सरकार की प्राथमिकता में है। एकनाथ शिंदे के बयान के अनुसार, 'आज हर भारतीय को अमित शाह पर गर्व है कि उन्होंने भारत को नक्सलवाद-मुक्त बनाने का अपना संकल्प पूरा किया।' अब देखना यह होगा कि इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास और पुनर्वास की योजनाएँ कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतरती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या दशकों से वंचित इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार अब वास्तव में बदलती है। गौरतलब है कि नक्सल-प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढाँचे की कमी और आदिवासी समुदायों का आर्थिक हाशियाकरण वे जड़ें हैं जिन पर माओवादी विचारधारा पोषित होती रही है। सरकारी दावों के साथ-साथ स्वतंत्र सत्यापन और पुनर्वास की ठोस योजना के बिना, यह घोषणा राजनीतिक लाभांश तो दे सकती है, पर दीर्घकालिक शांति की गारंटी नहीं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बस्तर को माओवादी-मुक्त कब और किसने घोषित किया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बस्तर को 'माओवादी-मुक्त' घोषित किया। उन्होंने दावा किया कि यह लक्ष्य निर्धारित समयसीमा 31 मार्च 2026 से पहले ही हासिल कर लिया गया।
एकनाथ शिंदे ने इस घोषणा पर क्या कहा?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे देश के लिए 'बहुत बड़ी उपलब्धि' बताया और अमित शाह को धन्यवाद व बधाई दी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने जो संकल्प लिया था, उसे पूरा करके दिखाया है।
केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक क्यों खास रही?
यह बैठक पहली बार बस्तर में आयोजित की गई, जो अपने आप में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। इसी बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर को माओवादी-मुक्त घोषित करने की ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
नक्सल-मुक्त क्षेत्रों में अब क्या बदलाव आने की उम्मीद है?
एकनाथ शिंदे के अनुसार, इन क्षेत्रों में अब सड़कें, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा सुधार और रोज़गार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। सरकार की प्राथमिकता अब नक्सल-प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाना है।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सलवाद की क्या स्थिति है?
एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने गढ़चिरौली जिले से नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में लगातार काम किया है, और इसे भी एक बड़ी उपलब्धि बताया।
राष्ट्र प्रेस
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