छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का अंत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ऐतिहासिक बयान
सारांश
Key Takeaways
- नक्सलवाद का अंत छत्तीसगढ़ के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
- बस्तर क्षेत्र अब विकास और सुशासन की नई धारा में आगे बढ़ेगा।
- 370 एम्बुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को सशक्त किया गया है।
- प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह का योगदान इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है।
- यह बदलाव डबल इंजन सरकार की नीतियों का परिणाम है।
रायपुर, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 31 मार्च छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। राज्य से नक्सलवाद का अंत हो रहा है, जिससे विकास की राह में दशकों से चली आ रही एक बड़ी बाधा समाप्त हो गई है।
रायपुर में मीडिया से बात करते हुए सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और प्रभावी नेतृत्व के कारण नक्सलवाद के अंत की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई है। बस्तर अब भय से नहीं, विश्वास से पहचाना जाएगा, जहां शांति की नींव पर विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। यह केवल एक अंत नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद। नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में एक बड़ा बाधक था और केंद्रीय गृह मंत्री ने संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक इसे समाप्त किया जाएगा, और उनका संकल्प पूरा हो गया है। अब बस्तर क्षेत्र बहुत तेज़ी से विकास करेगा, जो पिछले 40 वर्षों से विकास से अछूता था।
उन्होंने बताया कि अब हर क्षेत्र तक समय पर जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवा पहुंचेगी, ताकि आपात स्थिति में हर जरूरतमंद को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके।
सीएम ने कहा कि आज 370 एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर एक मजबूत, तेज और भरोसेमंद आपातकालीन स्वास्थ्य तंत्र को सशक्त किया गया है। हमारा संकल्प स्पष्ट है, स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक तक समान रूप से, समय पर और संवेदनशीलता के साथ पहुंचें। हर सेकंड की कीमत है, हर जीवन अनमोल है और उसकी रक्षा हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां आज विकास, विश्वास और सुशासन की नई धारा बह रही है। बस्तर अब भय की छाया से निकलकर आत्मविश्वास और प्रगति की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन हमारी डबल इंजन सरकार के अडिग संकल्प, प्रभावी नीतियों और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है, जहां शांति ने भय पर विजय पाई है, सुरक्षा ने भरोसा जगाया है और समृद्धि बस्तर के उज्ज्वल भविष्य को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही है। माओवाद, जो हमारे प्रदेश के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका था, डबल इंजन सरकार ने उसे सफलतापूर्वक समाप्त किया है। आज विकास, खुशहाली, समृद्धि और सुशासन हमारे छत्तीसगढ़ की असली पहचान बन चुके हैं।