क्या छत्तीसगढ़: बीजापुर में 9 नक्सलियों का आत्मसमर्पण एक नई शुरुआत है?
सारांश
मुख्य बातें
रायपुर, 7 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। यहां 24 लाख रुपए के इनाम के साथ 9 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके अतिरिक्त, एक माओवादी के मारे जाने की खबर भी आई है। यह जानकारी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की है।
उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 से अब तक राज्य में लगभग 450 माओवादी मारे गए हैं, 1,579 को गिरफ्तार किया गया है, और 1,589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री साय ने इस सफलता का श्रेय सुरक्षाबलों के साहस, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व और स्थिर नीति को दिया।
उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "हमारा छत्तीसगढ़ नक्सल उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह संभव हो रहा है सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर सेवा देने वाले अमित शाह के कुशल नेतृत्व से।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमित शाह के कार्यकाल को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक नया युग कहा जा सकता है। इसमें अनुच्छेद 370 की समाप्ति हो या नक्सलवाद और आतंकवाद पर कड़ी कार्रवाई, सभी निर्णय देश को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज बस्तर की तस्वीर बदल रही है। जहां पहले बंदूकें बोलती थीं, अब वहां विकास की आवाज सुनाई दे रही है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब मुख्यधारा में लौटकर अपने जीवन को सुधारने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप, 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में छत्तीसगढ़ एक नक्सल मुक्त राज्य बन सकेगा।