<b>शशांक मणि</b>: पीएम मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद पर दिए गए वक्तव्य का भाजपा सांसद शशांक मणि ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद पर सरकार ने नियंत्रण पा लिया है और इसे समाप्त कर दिया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ का उल्लेख करते हुए बताया कि जब वहां सरकार बदली, तब उन्होंने वहाँ का दौरा किया। भाजपा की सरकार ने समर्थन का पूरा विश्वास जताया, साझा रणनीति बनाई, और 24 अगस्त 2024 को यह घोषणा की कि मार्च 2026 तक हम नक्सलवाद को देश से समाप्त कर देंगे। इसके बाद सुरक्षा उपायों में वृद्धि की गई। पीएम मोदी के 11 वर्षों में 596 मजबूत पुलिस स्टेशन स्थापित हुए। नक्सल-प्रभावित जिले जो 2014 में 126 थे, अब केवल दो बचे हैं। सबसे प्रभावित जिले, जो 2014 में 35 थे, अब शून्य हैं। ये सभी सफलताएँ हमारे सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं।
अमित शाह के वक्तव्य पर नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा कि अमित शाह ने विपक्ष से एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया। इतने वर्षों से बस्तर में स्कूल और कॉलेज क्यों नहीं बने? वहाँ ऐसे उग्रवादी क्यों हैं जिन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को नष्ट कर दिया है? इसका कारण यह है कि नक्सली संविधान के खिलाफ हथियारों का सहारा लेकर अपने राज को कायम रखना चाहते हैं। लेकिन भारत में हमें संविधान के अंतर्गत काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूरे देश को, खासकर युवाओं को यह समझना चाहिए कि अर्बन नक्सलियों द्वारा फैलाया गया नक्सलवाद पूरी तरह से अनुचित है। नक्सलवाद के कारण 'रेड कॉरिडोर' के कई क्षेत्र विकास से वंचित रह गए हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आई है। इसलिए नक्सलवाद खत्म हो रहा है और विकास की गति तेज हो रही है।
भाजपा सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने समझाया है कि कैसे पहले सीपीआई बनी, फिर सीपीआई-एम बनी, और बाहरी ताकतों ने इस पर प्रभाव डाला।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में जो बहस हुई, उससे यह स्पष्ट होता है कि पूर्ववर्ती सरकारों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास में रुचि नहीं दिखाई। लेकिन हमारी सरकार नक्सल क्षेत्रों में विकास की धारा प्रवाहित कर रही है।