प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह के भाषण की सराहना की, कहा- वामपंथी उग्रवाद ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया
सारांश
Key Takeaways
- वामपंथी उग्रवाद ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह के भाषण की सराहना की।
- सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ कई प्रयास किए हैं।
- गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर नक्सलवाद का समर्थन करने के आरोप लगाए।
- उग्रवाद के खिलाफ सरकारी नीति को स्पष्ट किया गया है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद से छुटकारा दिलाने के प्रयासों पर चल रही चर्चा के दौरान सदन को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने आंकड़ों का उल्लेख किया और सरकार की नीति को स्पष्ट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गृह मंत्री के भाषण की सराहना की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अमित शाह के भाषण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह भाषण उत्कृष्ट है, जिसमें महत्वपूर्ण तथ्य, ऐतिहासिक संदर्भ और पिछले दशक में हमारी सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का समावेश है।
उन्होंने आगे लिखा कि दशकों से माओवादी विचारधारा ने कई क्षेत्रों के विकास को प्रभावित किया है। वामपंथी उग्रवाद ने अनगिनत युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। पिछले दशक में, हमारी सरकार ने इस समस्या को जड़ से समाप्त करने तथा नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास किए हैं। हम सुशासन को बढ़ावा देने और सभी के लिए शांति तथा समृद्धि सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करते रहेंगे।
नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने लगभग 85 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए सुरक्षाबलों के अभियानों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।
भाषण के दौरान गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक करियर में कई बार नक्सलवादियों के समर्थकों के साथ देखे गए हैं। भारत जोड़ो यात्रा में कई नक्सल फ्रंट संगठनों ने भाग लिया; इसका मेरे पास रिकॉर्ड है।
गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने 2010 में ओडिशा में लाडो शिकोका के साथ मंच साझा किया, जिसने भड़काऊ भाषण दिया और राहुल को माला भी पहनाई। 2018 में हैदराबाद में गुमड़ी विठ्ठल राव से मुलाकात की, जो विचारधारा के करीब रहे। जब 172 जवानों को मारने वाला हिडमा मारा गया तो इंडिया गेट पर नारे लगे कि कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा, और इस वीडियो को राहुल गांधी ने स्वयं ट्वीट किया। इन्होंने 1970 से लेकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समर्थन किया है।