पंजाब पुलिस ने बीकेआई मॉड्यूल तोड़ा, अमृतसर से दो गिरफ्तार — हैंड ग्रेनेड बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने बाबर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े एक सक्रिय मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 19 मई 2026 को अमृतसर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी अमृतसर जिले के निवासी हैं। पहले आरोपी की पहचान अजय के रूप में हुई है, जो अजनाला के बाजीगर मोहल्ले का निवासी है। दूसरे आरोपी जोधबीर सिंह फत्तेवाल कलां के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों विदेश में बैठे बीकेआई संचालकों के स्थानीय सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे।
साजिश का खुलासा
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद ग्रेनेड एक बड़ी साजिश का हिस्सा थे। कथित तौर पर इनका इस्तेमाल राज्य के सरकारी संस्थानों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाकर शांति और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की योजना में किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, विदेश में बैठे संचालकों ने इन सहयोगियों को हथियार मुहैया कराए और अमृतसर के लोहारका रोड इलाके में एक अन्य व्यक्ति से संपर्क करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस की कार्रवाई
विश्वसनीय सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने तेज़ी से नाकाबंदी की और दोनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो हैंड ग्रेनेड और उनकी मोटरसाइकिल बरामद की गई। डीजीपी यादव ने कहा कि मामले में जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
एक दिन पहले नकली नोट गिरोह भी पकड़ा
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही पंजाब पुलिस ने नकली नोटों के एक गिरोह का भी भंडाफोड़ किया था। उस मामले में नजर खान, राज मोहम्मद, मुख्तियार सिंह और आसिफ अली — कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से ₹5.50 लाख के नकली 500 रुपए के नोट बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी राज मोहम्मद का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला पहले से दर्ज है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि बीकेआई नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। गौरतलब है कि पंजाब में आतंकवादी संगठनों द्वारा विदेश से संचालित मॉड्यूलों को सक्रिय करने की कोशिशें पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हैं, जिनके खिलाफ राज्य पुलिस लगातार अभियान चला रही है।