पंजाब पुलिस ने बठिंडा में आतंकी साजिश को विफल किया, 2 गिरफ्तार, 2 हैंड ग्रेनेड मिले
सारांश
Key Takeaways
- 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- 2 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं।
- यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की सतर्कता का परिणाम है।
- सुरक्षा बलों का उद्देश्य शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- जनता को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई है।
चंडीगढ़, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब पुलिस ने बठिंडा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जहां काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने एक गंभीर आतंकी खतरे को नाकाम किया है। पंजाब के डीजीपी के अनुसार, 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 2 हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं।
डीजीपी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की गई। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये ग्रेनेड एक अवैध सप्लाई-चेन का हिस्सा हैं, जो सीमा पार के तत्वों से संबंधित है। इसका मुख्य उद्देश्य पंजाब में शांति व्यवस्था को भंग करना और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालना था। ऐसे हथियारों की तस्करी और वितरण से राज्य में अशांति फैलाने की योजना बनाई जा रही थी, जिसे समय पर रोक दिया गया।
इस मामले में पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है, जिसमें ग्रेनेड की पूरी सप्लाई चेन, संपर्कों, अन्य साथियों और संभावित लक्ष्यों का पता लगाया जा रहा है। जांच में तकनीकी और मानव खुफिया जानकारी का उपयोग किया जा रहा है ताकि पूरी योजना को बेनकाब किया जा सके।
पंजाब पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि वह आतंकी खतरों को समाप्त करने, संगठित अपराध को समाप्त करने और राज्य में शांति और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में पंजाब पुलिस लगातार ऐसी साजिशों पर नजर रख रही है और सीमा पार से प्रेरित गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है।
पंजाब में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां काउंटर इंटेलिजेंस ने आतंकी मॉड्यूल को नाकाम किया है। बठिंडा रेंज में यह कार्रवाई खुफिया इनपुट्स पर आधारित थी, जो पुलिस की सतर्कता और समन्वय को दर्शाती है।
इस सफलता से पंजाब पुलिस को और अधिक मजबूती मिली है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। जांच पूरी होने पर और खुलासे संभावित हैं, जिससे आतंकी नेटवर्क के बड़े लिंक उजागर हो सकते हैं।