राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की

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राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की

सारांश

राजस्थान सरकार ने साफ किया है कि राज्य में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है — भले ही IOCL की डीजल बिक्री में 43% की उछाल आई है। असली कारण है ₹94 बनाम ₹160 का मूल्य अंतर, जिसने थोक उपभोक्ताओं को खुदरा पंपों की ओर धकेल दिया है।

मुख्य बातें

राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 19 मई 2026 को पुष्टि की कि राज्य में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार है।
सार्वजनिक पंपों पर डीजल ₹94 प्रति लीटर , नायरा पंपों पर ₹97 प्रति लीटर और संस्थागत डीजल ₹160 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।
IOCL ने राजस्थान में पेट्रोल बिक्री में 28% और डीजल बिक्री में 43% की वृद्धि दर्ज की — राष्ट्रीय औसत से दोगुनी।
BPCL ने पेट्रोल में 24% और डीजल में 30% से अधिक , HPCL ने पेट्रोल में 13.7% और डीजल में 16.8% की वृद्धि दर्ज की।
सचिव अंबरीश कुमार ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सामान्य रूप से ईंधन खरीदने की अपील की।

राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 19 मई 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। विभाग ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में ईंधन की जमाखोरी न करें।

मुख्य घटनाक्रम

विभाग के सचिव अंबरीश कुमार ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) — तीनों सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियाँ — राजस्थान के सभी जिलों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कोई कमी नहीं है।

कीमतों का अंतर और उसका असर

अंबरीश कुमार के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर डीजल की खुदरा कीमत लगभग ₹94 प्रति लीटर है, जबकि नायरा के पंपों पर यही डीजल करीब ₹97 प्रति लीटर पर उपलब्ध है। इस मूल्य अंतर के कारण उपभोक्ता सरकारी पंपों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिससे वहाँ माँग बढ़ी है।

गौरतलब है कि संस्थागत डीजल की कीमत फिलहाल लगभग ₹160 प्रति लीटर है। इस भारी अंतर के चलते कई उद्योग और थोक उपभोक्ता भी खुदरा पंपों से डीजल खरीदने लगे हैं, जिससे कुछ स्थानों पर अतिरिक्त दबाव उत्पन्न हुआ है। तेल कंपनियाँ आम उपभोक्ताओं की ज़रूरतों को प्राथमिकता देते हुए नियमित आपूर्ति बनाए हुए हैं।

माँग में उल्लेखनीय वृद्धि

तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के अनुसार राजस्थान में पिछले वर्ष की तुलना में ईंधन की माँग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। IOCL ने राज्य में पेट्रोल बिक्री में 28% और डीजल बिक्री में 43% की वृद्धि दर्ज की है — जो राष्ट्रीय औसत (क्रमशः 20.2% और 20.8%) से काफी अधिक है।

HPCL ने पेट्रोल बिक्री में 13.7% और डीजल बिक्री में 16.8% की वृद्धि दर्ज की, जबकि BPCL ने पेट्रोल में 24% और डीजल में 30% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में औद्योगिक और कृषि गतिविधियाँ तेज़ हुई हैं।

सरकार की अपील और आश्वासन

सरकार ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि बढ़ती माँग के बावजूद राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है। अंबरीश कुमार ने विशेष रूप से अनुरोध किया कि लोग अफवाहों के आधार पर अतिरिक्त ईंधन न खरीदें, क्योंकि इससे पंपों पर अनावश्यक दबाव बनता है और वास्तविक ज़रूरतमंद उपभोक्ताओं को असुविधा होती है।

आगे क्या

तीनों सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियाँ राजस्थान में आपूर्ति श्रृंखला की निरंतर निगरानी कर रही हैं। यदि माँग इसी गति से बढ़ती रही, तो विशेषज्ञों का मानना है कि थोक और खुदरा ईंधन मूल्यों के अंतर पर नीतिगत समीक्षा आवश्यक हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली समस्या आपूर्ति नहीं, मूल्य संरचना है। जब संस्थागत डीजल ₹160 और खुदरा डीजल ₹94 पर मिले, तो उद्योगों का खुदरा पंपों की ओर रुख करना स्वाभाविक है — यह नीतिगत खामी है जिसे सरकार ने अभी तक संबोधित नहीं किया। IOCL की 43% वृद्धि बताती है कि दबाव असाधारण है, और बिना मूल्य-नीति सुधार के केवल 'घबराएँ नहीं' की अपील दीर्घकालिक समाधान नहीं है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कमी है?
नहीं। राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 19 मई 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। IOCL, BPCL और HPCL तीनों कंपनियाँ निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।
राजस्थान में डीजल की खुदरा कीमत क्या है?
सरकारी तेल कंपनियों के पंपों पर डीजल लगभग ₹94 प्रति लीटर पर उपलब्ध है, जबकि नायरा के पंपों पर यही डीजल करीब ₹97 प्रति लीटर पर मिल रहा है। संस्थागत डीजल की कीमत फिलहाल लगभग ₹160 प्रति लीटर है।
राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की माँग इतनी क्यों बढ़ी है?
तेल कंपनियों के अनुसार राजस्थान में पिछले वर्ष की तुलना में माँग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा, संस्थागत डीजल (₹160/लीटर) और खुदरा डीजल (₹94/लीटर) के बीच बड़े मूल्य अंतर के कारण कई उद्योग और थोक उपभोक्ता भी खुदरा पंपों से ईंधन खरीदने लगे हैं।
IOCL, BPCL और HPCL की राजस्थान में बिक्री कितनी बढ़ी है?
IOCL ने पेट्रोल बिक्री में 28% और डीजल बिक्री में 43% की वृद्धि दर्ज की है। BPCL ने पेट्रोल में 24% और डीजल में 30% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि HPCL ने पेट्रोल में 13.7% और डीजल में 16.8% की वृद्धि दर्ज की है।
सरकार ने नागरिकों से क्या अपील की है?
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अंबरीश कुमार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन खरीदें। घबराहट में अतिरिक्त ईंधन खरीदने से पंपों पर अनावश्यक दबाव बनता है।
राष्ट्र प्रेस
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