दिल्ली पुलिस ने हथियार तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का किया पर्दाफाश, 10 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया।
- 10 तस्करों की गिरफ्तारी और 21 उच्च गुणवत्ता के हथियार बरामद किए गए।
- तस्करी नेटवर्क पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से संबंधित है।
- गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में अपराध की घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
- पुलिस ने निरंतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वॉल्टेड सिटी क्षेत्र में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी के गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से हथियारों की तस्करी करके दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में आपराधिक संगठनों को सप्लाई करता था।
इस ऑपरेशन के दौरान 10 मुख्य तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और 21 उच्च गुणवत्ता के विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं। साथ ही, लगभग 200 कारतूसों को भी पुलिस ने जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों में अत्याधुनिक सब-मशीन गन और सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल शामिल हैं। इनमें पीएक्स-5.7 और पीएक्स-3 जैसे हथियार हैं, जो विशेष बलों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोग में लाए जाते हैं। इसके अलावा, स्टॉएगर (तुर्की), शैडो सीजेड (चेक गणराज्य), बेरेटा (इटली), टॉरस (ब्राज़ील) और वाल्टर (जर्मनी) जैसे प्रसिद्ध हथियार भी मिले हैं। पीएक्स-5.7 पिस्टल विशेष रूप से केवल स्पेशल फोर्सेस के लिए उपयोग में लाई जाती है और इसका अपराधियों के पास होना चिंताजनक है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह तस्करी नेटवर्क अत्यंत संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का था। हथियार पाकिस्तान से भारत-नेपाल सीमा के रास्ते भारत में लाए जा रहे थे और फिर स्थानीय गैंग्स को सप्लाई किए जा रहे थे। इन हथियारों का इस्तेमाल दिल्ली-एनसीआर में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
गिरफ्तार किए गए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे इस नेटवर्क के तहत लंबे समय से कार्यरत थे और उनके पास हथियारों की खरीद-बिक्री का संपूर्ण लॉजिस्टिक प्लान था। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी और आस-पास के क्षेत्रों में हथियार तस्करी को एक बड़ा झटका लगा है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल ऑपरेशन बताया है और कहा कि आगे भी ऐसे गिरोहों पर निरंतर कार्रवाई की जाएगी। बरामद किए गए हथियारों और गोलियों का विश्लेषण जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका उपयोग किन-किन घटनाओं में किया गया।