दिल्ली पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: मोरादाबाद में अवैध हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, 3 गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: मोरादाबाद में अवैध हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, 3 गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस ने वजीराबाद से शुरू हुई जांच के बाद मोरादाबाद में एक साल से चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। तीन गिरफ्तार, 3 पिस्तौल व 50-60 कट्टे बनाने का सामान बरामद। मुख्य सरगना सोनू फरार।

Key Takeaways

  • 21 अप्रैल को वजीराबाद में मोहम्मद अयूब (49) के पास से 2 देसी कट्टे और 10 कारतूस बरामद हुए।
  • 22 अप्रैल को मोरादाबाद में छापा मारकर अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, इदरीश (60) और शादाब (40) गिरफ्तार।
  • फैक्ट्री से 3 पिस्तौल, 12 कारतूस, 14 बैरल और 50-60 कट्टे बनाने लायक कच्चा माल जब्त।
  • फैक्ट्री एक साल से संचालित थी और आरोपियों को प्रति हथियार भुगतान होता था।
  • मुख्य सरगना सोनू (मोरादाबाद) अभी फरार, दिल्ली और यूपी पुलिस संयुक्त रूप से तलाश कर रही हैं।
  • नार्थ दिल्ली डीसीपी राजा बांठिया ने इसे अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए वजीराबाद थाना क्षेत्र से शुरू हुई जांच के बाद मोरादाबाद में एक सक्रिय अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना सोनू अभी तक फरार है।

कैसे हुआ खुलासा — पहली गिरफ्तारी से शुरू हुई कड़ी

नार्थ जिले के डीसीपी राजा बांठिया के अनुसार, 21 अप्रैल की शाम वजीराबाद क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियार लेकर इलाके में घूम रहा है।

सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मोरादाबाद निवासी 49 वर्षीय मोहम्मद अयूब को मौके पर दबोच लिया। उसकी तलाशी में दो देसी कट्टे और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए।

पूछताछ के दौरान अयूब ने स्वीकार किया कि उसने ये हथियार मोरादाबाद के सोनू नामक व्यक्ति से खरीदे थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर सोनू के पूरे नेटवर्क को ट्रेस करना शुरू किया।

मोरादाबाद में छापा — फैक्ट्री का पर्दाफाश

22 अप्रैल को दिल्ली पुलिस की टीम मोरादाबाद पहुंची और एक संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारकर अवैध हथियार निर्माण की पूरी फैक्ट्री उजागर की।

मौके से 60 वर्षीय इदरीश और 40 वर्षीय शादाब को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि यह फैक्ट्री पिछले एक वर्ष से बिना किसी बाधा के संचालित हो रही थी।

इदरीश हथियार निर्माण का विशेषज्ञ था और शादाब उसका सहयोगी था। दोनों को प्रति हथियार के हिसाब से भुगतान किया जाता था, जो इस अवैध धंधे की व्यावसायिक संरचना को दर्शाता है।

बरामदगी का विवरण — 50 से 60 कट्टे बनाने की क्षमता

पुलिस ने फैक्ट्री से तीन तैयार पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस, 14 लंबी बैरल, अधूरी बॉडी, भट्टी, विभिन्न उपकरण और अन्य कच्चा माल बरामद किया।

अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री से 50 से 60 देसी कट्टे और तैयार किए जा सकते थे। यह आंकड़ा इस गिरोह की उत्पादन क्षमता और संगठित स्वरूप को उजागर करता है।

व्यापक नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अवैध हथियारों की आपूर्ति कर रहा था। मोरादाबाद लंबे समय से अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है और यह मामला उस पैटर्न की एक और कड़ी है।

गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ महीनों में गैंगस्टर गतिविधियों और फायरिंग की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिसके पीछे ऐसी ही अवैध हथियार सप्लाई चेन को जिम्मेदार माना जा रहा है।

फरार मुख्य आरोपी सोनू की तलाश में दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस संयुक्त रूप से काम कर रही हैं। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए तकनीकी और मानवीय खुफिया दोनों का उपयोग किया जा रहा है।

आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं और पुलिस इस अवैध हथियार नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है।

Point of View

फिर भी एक फैक्ट्री पूरे एक साल तक बिना पकड़े चलती रही — यह स्थानीय निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दिल्ली में गैंगस्टर गतिविधियों और सार्वजनिक स्थलों पर फायरिंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ऐसे नेटवर्क की सप्लाई चेन तोड़ना अत्यंत जरूरी है। असली परीक्षा अब होगी — क्या पुलिस फरार सरगना सोनू को पकड़ पाती है और इस नेटवर्क के ग्राहकों तक पहुंच पाती है?
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियार फैक्ट्री कहां पकड़ी?
दिल्ली पुलिस ने यह अवैध हथियार फैक्ट्री मोरादाबाद, उत्तर प्रदेश में पकड़ी। जांच की शुरुआत दिल्ली के वजीराबाद क्षेत्र से हुई थी, जहां 21 अप्रैल को एक आरोपी से हथियार बरामद हुए थे।
इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
इस मामले में अब तक तीन आरोपियों — मोहम्मद अयूब, इदरीश और शादाब — को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य सरगना सोनू अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
फैक्ट्री से क्या-क्या बरामद हुआ?
फैक्ट्री से 3 तैयार पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस, 14 लंबी बैरल, अधूरी बॉडी, भट्टी और उपकरण बरामद हुए। इस सामग्री से 50 से 60 देसी कट्टे तैयार किए जा सकते थे।
यह फैक्ट्री कितने समय से चल रही थी?
जांच में सामने आया कि यह अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पिछले एक वर्ष से लगातार संचालित हो रही थी। आरोपी इदरीश हथियार बनाने का विशेषज्ञ था और शादाब उसका सहयोगी था।
दिल्ली में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस क्या कदम उठा रही है?
दिल्ली पुलिस अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है जिसमें तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी का उपयोग किया जा रहा है। इस ऑपरेशन को उस अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
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