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मन की बात: बिहार के हर बूथ तक पहुंचाएगी BJP, 133वें संस्करण के लिए विशेष रणनीति तैयार

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मन की बात: बिहार के हर बूथ तक पहुंचाएगी BJP, 133वें संस्करण के लिए विशेष रणनीति तैयार

सारांश

PM मोदी के 'मन की बात' के 133वें संस्करण को बिहार के हर बूथ तक पहुंचाने के लिए BJP ने वर्चुअल बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंडल अध्यक्षों को विशेष निर्देश दिए। 26 अप्रैल का प्रसारण बंगाल चुनाव के बीच राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' का 133वां संस्करण 26 अप्रैल 2025 को प्रसारित होगा।
बिहार BJP ने राज्य के हर बूथ पर कार्यक्रम का प्रसारण सुनिश्चित करने की योजना बनाई है।
पटना में आयोजित वर्चुअल बैठक में मंडल अध्यक्षों और कार्यक्रम समन्वयकों को विशेष निर्देश दिए गए।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी , महासचिव भीखू भाई दलसानिया और उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बैठक में वर्चुअली उपस्थित रहे।
यह प्रसारण पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के नजदीक होने के कारण राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BJP का बूथ प्रबंधन मॉडल इस अभियान के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

पटना, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुचर्चित मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 133वां संस्करण रविवार, 26 अप्रैल को प्रसारित होने वाला है। बिहार में इस कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं और पार्टी का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक मतदान केंद्र (बूथ) पर यह प्रसारण सुनिश्चित हो।

वर्चुअल बैठक में बनाई गई रणनीति

पटना स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मंडल अध्यक्षों और कार्यक्रम समन्वयकों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, संगठनात्मक समन्वय और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 'मन की बात' एक ऐसा मंच है जिसके जरिए प्रधानमंत्री सीधे देश के नागरिकों से संवाद करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का उद्देश्य संगठनात्मक शक्ति और जनभागीदारी के माध्यम से पीएम मोदी के विचारों को हर बूथ तक पहुंचाना है।

सरावगी ने गिनाईं 'मन की बात' की खूबियां

संजय सरावगी ने कहा कि 'मन की बात' की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य करने वाले आम नागरिकों को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करता है। इससे उनके योगदान पर पूरे देश का ध्यान जाता है और समाज में सकारात्मक प्रेरणा का संचार होता है।

राज्य संगठन महासचिव भीखू भाई दलसानिया भी इस बैठक में वर्चुअली उपस्थित रहे और कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए। राज्य उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक राजेंद्र सिंह ने राज्य-स्तरीय टीम के साथ मिलकर कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाने की विस्तृत रणनीतियां प्रस्तुत कीं।

'मन की बात' के प्रमुख विषय और राष्ट्रीय महत्व

'मन की बात' मुख्य रूप से राष्ट्रीय मुद्दों, 'वोकल फॉर लोकल', 'आत्मनिर्भर भारत', स्वच्छता अभियान, महिला सशक्तिकरण, खेल, विज्ञान, कला और संस्कृति जैसे विषयों पर केंद्रित रहता है। यह कार्यक्रम पीएम मोदी और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है, जो 'विकसित भारत' की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर मजबूत करता है।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक महत्व

26 अप्रैल का यह प्रसारण इसलिए भी विशेष राजनीतिक महत्व रखता है क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का दूसरा चरण नजदीक आ रहा है। गौरतलब है कि भाजपा हर बड़े चुनावी मौके पर 'मन की बात' के प्रसारण को बूथ स्तर तक ले जाने की रणनीति अपनाती रही है, जो पार्टी के बूथ प्रबंधन मॉडल का एक अहम हिस्सा है।

विश्लेषकों के अनुसार, बिहार में BJP का यह अभियान केवल एक रेडियो कार्यक्रम को सुनाने तक सीमित नहीं है — यह पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का एक सुनियोजित प्रयास भी है। आने वाले समय में बिहार में भी चुनावी सरगर्मियां बढ़ने की संभावना है, ऐसे में यह जमीनी तैयारी पार्टी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

26 अप्रैल को प्रसारित होने वाले 'मन की बात' के 133वें संस्करण पर पूरे देश की नजर रहेगी। बिहार में भाजपा के इस व्यापक आयोजन के नतीजे पार्टी की संगठनात्मक क्षमता का एक महत्वपूर्ण पैमाना साबित होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अभियान जमीनी पकड़ मजबूत करने का एक व्यावहारिक प्रयास है। दिलचस्प यह है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के ठीक बीच में इस कार्यक्रम को इतना महत्व दिया जा रहा है — जो BJP की बहु-राज्यीय चुनावी रणनीति को एक साथ साधने की कोशिश को दर्शाता है। मुख्यधारा की मीडिया इसे सिर्फ एक आयोजन की खबर की तरह कवर करती है, लेकिन असल में यह BJP के 'बूथ जीतो, चुनाव जीतो' फॉर्मूले की जीवंत मिसाल है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मन की बात' का 133वां संस्करण कब प्रसारित होगा?
'मन की बात' का 133वां संस्करण 26 अप्रैल 2025 को रविवार को प्रसारित होगा। यह कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होता है।
बिहार में 'मन की बात' के लिए BJP ने क्या तैयारी की है?
बिहार BJP ने राज्य के हर बूथ पर 'मन की बात' का प्रसारण सुनिश्चित करने के लिए पटना में वर्चुअल बैठक आयोजित की। इसमें मंडल अध्यक्षों और कार्यक्रम समन्वयकों को विशेष निर्देश दिए गए।
'मन की बात' कार्यक्रम किन विषयों पर केंद्रित होता है?
'मन की बात' में स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, वोकल फॉर लोकल, आत्मनिर्भर भारत, खेल, विज्ञान और कला-संस्कृति जैसे विषयों पर चर्चा होती है। साथ ही समाज में अनुकरणीय कार्य करने वाले आम नागरिकों को भी इसमें स्थान मिलता है।
बिहार BJP की इस बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी , राज्य संगठन महासचिव भीखू भाई दलसानिया और राज्य उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह वर्चुअली शामिल हुए। मंडल अध्यक्षों और कार्यक्रम समन्वयकों ने भी वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
26 अप्रैल का 'मन की बात' प्रसारण राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
26 अप्रैल का प्रसारण इसलिए अहम है क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का दूसरा चरण नजदीक है। BJP इस कार्यक्रम को अपने संगठनात्मक अभियान के साथ जोड़कर जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की रणनीति अपनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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