दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: कपिल सांगवान नंदू गैंग का हथियार सप्लायर आदित्य मिश्रा गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- आदित्य मिश्रा (24 वर्ष) को दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड ने 26 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी द्वारका के पोचनपुर गांव के निकट यूईआर-II रोड पर खुफिया सूचना के आधार पर हुई।
- आरोपी के कब्जे से दो पिस्तौल, एक ब्लैंक गन और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
- आर्म्स एक्ट धारा 25 के तहत एफआईआर नंबर 75/26 दर्ज की गई है।
- आरोपी ने पूछताछ में जबरन वसूली में अपनी भूमिका कबूल की और पीड़ितों से सीधे संपर्क करने की बात स्वीकार की।
- कपिल सांगवान उर्फ नंदू फिलहाल विदेश में रहकर एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए गैंग संचालित कर रहा है।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल 2025। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड (एजीएस) ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 24 वर्षीय आदित्य मिश्रा के रूप में हुई है। उसके कब्जे से अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तारी कहाँ और कैसे हुई
यह कार्रवाई द्वारका के पोचनपुर गांव के निकट यूईआर-II रोड पर खुफिया सूचना के आधार पर की गई। एजीएस की टीम ने सटीक सूचना मिलते ही मौके पर जाल बिछाया और आदित्य मिश्रा को रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने तत्काल उसे काबू में कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी के बताए ठिकाने से एक और सिंगल शॉट पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और एक ब्लैंक गन भी जब्त की।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर नंबर 75/26 दर्ज की गई है। यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सीधी निगरानी में अंजाम दी गई।
पूछताछ में आदित्य मिश्रा ने गैंग के निर्देश पर जबरन वसूली के मामलों में अपनी भूमिका स्वीकार की है। उसने कबूल किया कि वह पीड़ितों से सीधे संपर्क कर उन पर पैसे देने के लिए दबाव बनाता था और कई मामलों में बड़ी रकम वसूलने में गैंग की मदद करता था।
कौन है कपिल सांगवान उर्फ नंदू
कपिल सांगवान उर्फ नंदू दिल्ली के द्वारका-नजफगढ़ इलाके का कुख्यात गैंगस्टर है। वह फिलहाल विदेश में रहकर अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा है। उसका गैंग एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए गतिविधियाँ चलाता है, जिससे पुलिस के लिए उसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
इस गैंग पर जबरन वसूली, अवैध हथियार सप्लाई और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ वर्षों में गैंगस्टरों द्वारा एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बन चुका है।
व्यापक अभियान का हिस्सा
क्राइम ब्रांच के अनुसार यह गिरफ्तारी दिल्ली में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान की कड़ी है। पुलिस लगातार दिल्ली और आसपास के राज्यों में सक्रिय गैंग सदस्यों पर निगरानी रख रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश में बैठकर गैंग संचालित करने का यह तरीका न केवल दिल्ली बल्कि देश के कई बड़े शहरों में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति का संकेत है। इस मामले में पुलिस अब आदित्य मिश्रा के खुलासों के आधार पर गैंग के अन्य सक्रिय सदस्यों की तलाश में जुटी है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर कपिल सांगवान गैंग की कमर तोड़ने के प्रयास में लगी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।