एकनाथ शिंदे का दिल्ली दौरा: मंत्री संजय शिरसाट बोले — 'शहरी विकास के काम से गए हैं, पहले से तय था'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नई दिल्ली दौरे ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह दौरा पूरी तरह पूर्व-निर्धारित है और इसका मकसद शहरी विकास विभाग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को निपटाना है।
दौरे का उद्देश्य: प्रशासनिक बैठकें
सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे राष्ट्रीय राजधानी में शहरी विकास विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लेने पहुँचे हैं। मंत्री संजय शिरसाट ने कहा, 'एकनाथ शिंदे का दिल्ली दौरा पहले से ही तय था। उन्होंने हम सभी को पहले ही बता दिया था कि उनके विभाग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण काम हैं। इसके बाद उनकी वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात होने की संभावना है।'
अमित शाह से मुलाकात की अटकलें
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि इस दौरान शिंदे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिल सकते हैं। हालाँकि, इस मुलाकात को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह दौरा ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर चर्चाएँ जारी हैं।
नीट यूजी पेपर लीक पर शिरसाट का बयान
मंत्री संजय शिरसाट ने नीट यूजी पेपर लीक मामले पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह बहुत बड़ा रैकेट है। एक तरह से लोगों को लूटने का धंधा कई साल से चल रहा था।' उन्होंने बताया कि इस मामले की जाँच पहले पुलिस ने शुरू की, फिर सीआईडी ने हाथ लिया और अब सीबीआई इसकी जाँच कर रही है।
कोचिंग संस्थानों पर गंभीर आरोप
शिरसाट ने कोचिंग संस्थानों की बढ़ती ताकत पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि कई कोचिंग क्लास इतने बड़े हो गए हैं कि वे बड़े जमींदारों की तरह काम कर रहे हैं और नेताओं तक को प्रभावित करने की स्थिति में आ गए हैं। उन्होंने सख्त कार्रवाई की माँग करते हुए कहा, 'ऐसे लोगों को जेल जाना ही होगा। इनके खिलाफ बुलडोजर भी चलेगा और उन्हें जेल भी भेजा जाएगा।'
आगे क्या
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दौरे के नतीजे और उनकी संभावित बैठकों पर महाराष्ट्र की राजनीति की नज़रें टिकी हैं। नीट मामले में सीबीआई की जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, राज्य सरकार का रुख और स्पष्ट होने की उम्मीद है।