क्या महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष को विधानसभा में आरोप साबित करने की चुनौती दी?
सारांश
Key Takeaways
- एकनाथ शिंदे ने विपक्ष को विधानसभा में आरोप साबित करने की चुनौती दी।
- भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के सबूत पेश करने की अपील की।
- मेट्रो हादसे में 5 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की गई।
- 2026-27 का बजट जनकल्याण पर केंद्रित होगा।
मुंबई, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) को एक चुनौती दी है कि वह सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को राज्य विधानमंडल में बजट सत्र के दौरान साबित करें।
कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एकनाथ शिंदे ने विपक्ष की कड़ी आलोचना की और कहा कि उन्हें विधानसभा के बाहर आरोप लगाने के बजाय सदन में मुद्दे उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास भ्रष्टाचार या प्रशासनिक लापरवाही के ठोस सबूत हैं, तो उन्हें विधानमंडल में पेश करना चाहिए, जहां उन पर औपचारिक चर्चा हो सके।
शिंदे ने विपक्ष की एकजुटता पर भी सवाल उठाया और कहा कि विधानसभा और विधान परिषद दोनों में आधिकारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष नियुक्त नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति करेंगे, जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का कामकाज सदन में होने वाली चर्चा में स्वयं प्रमाणित हो जाएगा।
शिंदे ने नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की भी निंदा की और कहा कि ऐसे कदम देश की छवि को क्षति पहुंचाते हैं।
मुलुंड में निर्माणाधीन मेट्रो स्थल पर हाल ही में खंभा गिरने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने त्वरित कार्रवाई की। संबंधित कार्यकारी अभियंता को निलंबित किया गया और सभी चल रही परियोजनाओं का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने बताया कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों को पूरा इलाज देने की घोषणा की गई है। साथ ही एमएमआरडीए ने अतिरिक्त 15 लाख रुपए मुआवजा देने की भी घोषणा की है।
शिंदे ने कहा कि 2026-27 का आगामी बजट जनकल्याण और विकास पर केंद्रित होगा, जिससे राज्य के नागरिकों को लाभ होगा।