एकनाथ शिंदे का विपक्ष पर पलटवार: PM मोदी की ऊर्जा बचत अपील पर उठाने वाले सवाल जनता देती है जवाब
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 14 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत अपील का खुलकर समर्थन किया और विपक्ष पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो भी नेता प्रधानमंत्री पर तीखी टिप्पणी करते हैं, देश की जनता उन्हें सबक ज़रूर सिखाती है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने महाराष्ट्र सरकार के काफिले में कटौती और वैकल्पिक परिवहन अपनाने के फैसले को देशहित में बताया।
ऊर्जा बचत अपील और सरकार की प्रतिक्रिया
एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने गंभीर परिस्थितियों के मद्देनज़र पेट्रोल, डीजल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की बचत की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने इस अपील को उसी भावना से स्वीकार किया है, जिस तरह कोरोना काल में प्रधानमंत्री की अपीलों को स्वीकार किया था। शिंदे के अनुसार, 'प्रधानमंत्री हमेशा देश और राष्ट्र का हित पहले देखते हैं।'
शिंदे ने बताया कि वे स्वयं इलेक्ट्रिक कार से यात्रा कर रहे हैं और उनके काफिले में केवल आवश्यक वाहन ही शामिल हैं। सरकार ने ऑनलाइन बैठकों के विकल्प पर भी विचार शुरू किया है, ताकि ईंधन की खपत और कम की जा सके।
मुख्यमंत्री फडणवीस का संदेश
इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बैठक में पहुँचकर ऊर्जा बचत का प्रतीकात्मक संदेश दिया। फडणवीस ने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री की सलाह पर अमल करना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा, 'हमने पहले ही अपने काफिले का आकार कम कर दिया है और अनावश्यक उपयोग घटाने के प्रयास किए हैं।'
विपक्ष पर पलटवार
काफिले में कटौती और मुख्यमंत्री की बाइक यात्रा पर विपक्ष की आलोचनाओं को शिंदे ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि 'विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है — मज़ाक उड़ाने के अलावा उनके पास क्या है?' शिंदे ने याद दिलाया कि कोरोना काल में भी जब प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय अपील की थी, तब भी विपक्ष ने उसी तरह उपहास किया था।
शिंदे ने सवाल उठाया कि 'आज कांग्रेस कहाँ है?' — यह इशारा उन पार्टियों की ओर था जो प्रधानमंत्री की राष्ट्रीय अपीलों की आलोचना करती रही हैं और बाद में जनता के फैसले का सामना करती रही हैं। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री की 'नेशन फर्स्ट' नीति पर उँगली उठाना राजनीतिक रूप से महँगा साबित होता है।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब देश में ऊर्जा आपूर्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति सरकार — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं — ने केंद्र के निर्देशों के अनुरूप तत्काल कदम उठाए हैं। विपक्षी दलों ने इन कदमों को प्रतीकात्मक बताते हुए ठोस नीतिगत उपायों की माँग की है।
आगे क्या
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, ऊर्जा बचत पर अमल की समीक्षा आगामी कैबिनेट बैठकों में होगी। ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा देने और सरकारी वाहनों के उपयोग को तर्कसंगत बनाने के लिए दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैं। शिंदे ने संकेत दिया कि यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक नीति का हिस्सा बनेगी।