फडणवीस का बड़ा फैसला: मंत्रियों के काफिले आधे होंगे, सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 14 मई को राज्य कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों को कड़े निर्देश जारी किए — वाहन काफिले तत्काल आधे किए जाएँ, सप्ताह में कम-से-कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया जाए और विशेष विमान तथा हेलिकॉप्टर से यात्रा से बचा जाए। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के अनुरूप उठाया गया है जिसमें उन्होंने देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और अनावश्यक व्यय में कटौती का आग्रह किया था।
मंत्रियों और अधिकारियों के लिए मुख्य निर्देश
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में पदाधिकारियों और विधायकों के साथ वाहनों का काफिला नहीं चलेगा। कार्यालयों में तैनात स्टाफ के वाहनों की समीक्षा कर उनकी संख्या घटाने के भी आदेश दिए गए हैं। साथ ही, जिला और विभाग स्तर के अधिकारियों को मुंबई या अन्य स्थानों पर बुलाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों में शामिल करने पर जोर दिया गया है।
विभागों को होर्डिंग, फ्लेक्स और अनावश्यक रोशनी-सजावट से दूर रहने का निर्देश भी दिया गया है। अगले छह महीनों तक सभी प्रशासनिक विभागों को सलाहकारों की नियुक्ति से बचने को कहा गया है।
सरकारी परिपत्र और विदेश यात्राओं पर रोक
मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के हस्ताक्षर से जारी सरकारी परिपत्र में कहा गया है कि सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राएँ अस्थायी रूप से रद्द कर दी जाएंगी और नई यात्राओं की योजना बनाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को सप्ताह में कम-से-कम एक दिन मेट्रो, लोकल ट्रेन या बस से यात्रा करने की सलाह दी गई है। कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया गया है।
पुलिस विभाग को निर्देश दिया गया है कि वाहन जुलूसों और बाइक रैलियों के लिए अनुमति न दी जाए। सरकारी विज्ञापनों और खर्चीली गतिविधियों पर भी सीमाएँ तय की जाएंगी।
ऊर्जा और ईंधन संरक्षण के उपाय
कार्यालयों में प्राकृतिक रोशनी के अधिकतम उपयोग, अनावश्यक लाइटें और उपकरण बंद रखने तथा एयर कंडीशनिंग का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। 'प्रधानमंत्री सूर्य घर' योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने पर भी बल दिया जाएगा।
ईंधन संरक्षण के अंतर्गत पेट्रोल-डीजल का उपयोग घटाने के साथ-साथ पीएनजी गैस से जुड़े लंबित प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी दी जाएगी। मुंबई सहित बड़े शहरों के होटलों और रेस्तराँओं को भी पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
कृषि, खाद्य और डिजिटल बैठकों पर जोर
सरकारी कैंटीनों, आंगनवाड़ियों, अस्पतालों और छात्रावासों के मेनू में बदलाव कर पाम और सोयाबीन तेल की जगह मूंगफली और सरसों के तेल के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
कृषि क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक, जैविक और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मिट्टी परीक्षण के आधार पर फसलों के अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। मंत्रिस्तरीय, विभागीय और जिला स्तर पर बैठकें, प्रशिक्षण सत्र और सेमिनार ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा — विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को भी इन निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सार्वजनिक व्यय में अनुशासन की माँग बढ़ रही है। सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगमों और सरकारी विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए गए हैं।