MP उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने काफिले से हटाई फॉलो-पायलट सुविधा, मोदी की ईंधन बचत अपील का असर

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MP उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने काफिले से हटाई फॉलो-पायलट सुविधा, मोदी की ईंधन बचत अपील का असर

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत की अपील का असर मध्य प्रदेश में दिखने लगा है — उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने काफिले से फॉलो-पायलट सुविधा वापस की, वहीं CM मोहन यादव पहले ही काफिले के वाहन 13 से 8 कर चुके हैं। राज्य सरकार इसे राष्ट्रहित और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ रही है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 13 मई 2026 को अपने काफिले से फॉलो एवं पायलट वाहन सुविधा संबंधित स्टाफ सहित वापस की।
यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचत को जन आंदोलन बनाने की अपील के अनुक्रम में उठाया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर चुके हैं।
सभी मंत्रीगण यात्रा में न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे; नवनियुक्त पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे।
यह व्यवस्था आगामी आदेश तक लागू रहेगी।

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 13 मई 2026 को अपने वाहन काफिले से फॉलो एवं पायलट वाहन सुविधा — संबंधित स्टाफ सहित — वापस कर दी है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के अनुक्रम में उठाया गया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ईंधन बचत को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया था। इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर चुके हैं।

उपमुख्यमंत्री का फैसला और वजह

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा संरक्षण एवं सुरक्षा के दृष्टिगत नागरिकों से ईंधन की बचत को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम ईंधनों की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के हित, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनहित में संसाधनों के सर्वोत्तम एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए सतत प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का पहले का फैसला

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इससे पहले ही यह घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर मध्य प्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा था कि आगामी आदेश तक उनके काफिले में सुरक्षा की दृष्टि से न्यूनतम वाहन होंगे और भ्रमण के दौरान कोई वाहन रैली नहीं होगी। काफिले में 13 वाहनों के स्थान पर सिर्फ 8 वाहन रखे जाएंगे।

सभी मंत्रियों पर लागू होगा नियम

मुख्यमंत्री यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी मंत्रीगण यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। इसके साथ ही, नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे। यह निर्देश राज्य सरकार के समूचे मंत्रिमंडल पर लागू माना जा रहा है।

राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा का संदर्भ

प्रधानमंत्री मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और पेट्रोलियम ईंधनों के किफायती एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर ज़ोर दिया था। गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, ऐसे में सरकारी स्तर पर ईंधन की बचत का प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों महत्व है। मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम उन राज्यों में शामिल हो गया है जो केंद्र की इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी दिखा रहे हैं।

आगे क्या

फिलहाल यह व्यवस्था आगामी आदेश तक लागू रहेगी। राज्य सरकार के अन्य विभागों और अधिकारियों से भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बरतने की अपेक्षा की जा रही है। यदि यह पहल व्यापक नीतिगत रूप लेती है, तो यह राज्य के ईंधन व्यय में उल्लेखनीय कमी ला सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव बनेगा या चंद दिनों की सुर्खियों तक सीमित रहेगा। भारत में सरकारी वाहन बेड़े पर होने वाला ईंधन खर्च करोड़ों रुपये सालाना है, और इस दिशा में राज्यों की स्वैच्छिक पहल तब तक अधूरी है जब तक इसे सत्यापन-योग्य नीति का रूप न दिया जाए। यह भी ध्यान देने योग्य है कि ऐसी घोषणाएँ अक्सर राजनीतिक तनाव के दौरान या केंद्र के संदेश के साथ तालमेल बिठाने के लिए की जाती हैं — और कुछ समय बाद पुरानी व्यवस्था बहाल हो जाती है। नागरिक समाज और विपक्ष को इस प्रतिबद्धता की निगरानी करनी होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MP उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने काफिले से क्या हटाया?
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने वाहन काफिले से फॉलो एवं पायलट वाहन सुविधा, संबंधित स्टाफ सहित वापस कर दी है। यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत अपील के अनुक्रम में लिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के काफिले में अब कितने वाहन होंगे?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आगामी आदेश तक भ्रमण के दौरान कोई वाहन रैली नहीं होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ईंधन बचत की अपील क्यों की?
प्रधानमंत्री मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और पेट्रोलियम ईंधनों के किफायती उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यह अपील की। उन्होंने ईंधन बचत को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
मध्य प्रदेश के अन्य मंत्रियों पर यह नियम लागू होगा?
हाँ, मुख्यमंत्री यादव के निर्देश के अनुसार सभी मंत्रीगण यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी भी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे।
यह व्यवस्था कब तक लागू रहेगी?
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार यह व्यवस्था आगामी आदेश तक लागू रहेगी। फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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