मुंबई में IMD के रेड अलर्ट के बाद महाराष्ट्र सरकार ने दफ्तर जल्दी बंद किए, प्राइवेट सेक्टर को वर्क फ्रॉम होम की सलाह
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार, 6 जुलाई को सरकारी कार्यालयों को आधे दिन के बाद बंद करने का आदेश दिया और निजी क्षेत्र की कंपनियों से अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की। IMD के अनुसार, मुंबई में 80–90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका है।
सरकार का आदेश और सर्कुलर
सामान्य प्रशासन विभाग के एक आधिकारिक सर्कुलर में कहा गया कि मंत्रालय और बृहन्मुंबई में राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को आधे दिन के कार्य के बाद कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी गई है, ताकि वे सुरक्षित घर पहुँच सकें। सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया कि 'आपातकालीन और आवश्यक सेवाएँ प्रदान करने वाले विभागों के प्रमुखों को आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की तैनाती तय करने का अधिकार होगा।'
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तूफानी हवाओं और भारी बारिश की स्थिति की समीक्षा की। सरकार ने मुंबई क्षेत्र में कार्यरत सभी निजी कंपनियों से अनुरोध किया कि वे 6 जुलाई को अपने कर्मचारियों को रिमोट वर्क की सुविधा प्रदान करें।
BMC का निर्माण स्थलों पर कड़ा निर्देश
बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने निर्माण स्थलों के लिए सुरक्षा संबंधी कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। 70–80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं से उत्पन्न खतरे को देखते हुए, BMC ने चेतावनी दी है कि कमज़ोर ढाँचों के कारण गंभीर दुर्घटनाएँ हो सकती हैं।
सभी बिल्डरों, आर्किटेक्ट्स, लाइसेंस प्राप्त सर्वेक्षकों, कॉन्ट्रैक्टरों और प्रोजेक्ट मैनेजरों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया गया है। उन्हें अस्थायी मचान, खुले निर्माण सामग्री, क्रेन उपकरण और फॉर्मवर्क की बारीकी से जाँच करने को कहा गया है।
क्रेन और ऊँचाई पर काम पर रोक
BMC के निर्देशानुसार, सभी टावर क्रेन, कंस्ट्रक्शन लिफ्ट और मटीरियल होइस्ट की स्थिरता की जाँच अनिवार्य है। यदि मौसम की स्थिति खतरनाक हो, तो सामान उठाने और ऊँचाई पर होने वाले समस्त कार्य तत्काल रोके जाएँ। गिरते मलबे से मज़दूरों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबंधित एक्सक्लूज़न ज़ोन बनाए जाने का भी निर्देश दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, कॉन्ट्रैक्टरों को साइट पर कार्यरत मज़दूरों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) और ऊँचाई से गिरने से बचाव के उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
BMC की प्राथमिकता: जन सुरक्षा
BMC ने स्पष्ट किया कि मज़दूरों, स्थानीय निवासियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी डेवलपर्स को निर्देश दिया गया है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षित निर्माण के मानक तरीकों का पूर्णतः पालन किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में मानसून के दौरान निर्माण स्थलों से जुड़ी दुर्घटनाएँ पहले भी जानलेवा साबित हो चुकी हैं।