महाराष्ट्र में भारी बारिश: मुंबई में 200 मिमी से अधिक वर्षा, पालघर में रेड अलर्ट के बाद सभी स्कूल बंद
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के कई जिलों में 2 जुलाई को मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आँकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में 200 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा पालघर जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 2 जुलाई को जिले के सभी स्कूल बंद कर दिए।
मुंबई में वर्षा के आँकड़े
बीएमसी के अनुसार, 1 जुलाई की सुबह 8 बजे से 2 जुलाई की सुबह 6 बजे के बीच मुंबई शहर में 134 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसी अवधि में पूर्वी उपनगरों में 164 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 149 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। शहर के कई इलाकों में जलजमाव के कारण आवागमन बाधित रहा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पालघर में रेड अलर्ट और स्कूल बंद
पालघर जिले के वसई-विरार, नालासोपारा और अन्य क्षेत्रों में बुधवार रात से लगातार तेज बारिश जारी है। IMD के रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और पूरी सावधानी बरतें।
नालासोपारा में जलभराव, राहगीरों को कठिनाई
नालासोपारा में गुरुवार सुबह करीब 6:45 बजे से तेज बारिश शुरू हुई। बारिश के बावजूद सड़कों पर वाहनों की आवाजाही शुरुआत में सामान्य रही और लोग छतरियों के सहारे कार्यस्थलों की ओर निकलते दिखे। हालाँकि, नालासोपारा पूर्व की कई सड़कों पर लगातार वर्षा के चलते भारी जलभराव हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय माँग और प्रशासन की तैयारी
जलभराव से परेशान स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से त्वरित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की माँग की है। जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के सक्रिय होने के साथ महाराष्ट्र के तटीय जिलों में हर वर्ष इसी तरह की बाढ़ और जलभराव की समस्या उभरती है, जो बुनियादी ढाँचे की दीर्घकालिक चुनौतियों को उजागर करती है।