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नशा मुक्त युवा अभियान ऐतिहासिक पहल: पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने की मोदी की तारीफ

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नशा मुक्त युवा अभियान ऐतिहासिक पहल: पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने की मोदी की तारीफ

सारांश

पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने PM मोदी के 'नशा मुक्त युवा अभियान' को ऐतिहासिक पहल बताया और AAP सरकार पर साढ़े चार साल में नशे की समस्या न सुलझाने का आरोप लगाया। साथ ही राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने पंजाब में 5 लाख युवाओं को नशा-मुक्ति की शपथ दिलाने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 2 अगस्त को PM मोदी के 'नशा मुक्त युवा अभियान' को ऐतिहासिक राष्ट्रीय पहल बताया।
ढिल्लों ने AAP सरकार पर आरोप लगाया कि साढ़े चार साल बाद भी पंजाब में नशे की समस्या बरकरार है।
राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने 'सन फाउंडेशन' के ज़रिए पंजाब में 5 लाख युवाओं को नशा-मुक्ति की शपथ दिलाने का संकल्प लिया।
5,000 युवाओं को दिल्ली और पंजाब के कौशल व पुनर्वास केंद्रों से वर्चुअल माध्यम से अभियान से जोड़ा गया।
'सन फाउंडेशन' पंजाब में 12 नशा मुक्ति केंद्र संचालित कर रहा है जहाँ योग, ध्यान और कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रविवार, 2 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त युवा अभियान' को एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय पहल करार दिया। उनके अनुसार यह अभियान देश के युवाओं को नशे के दुष्चक्र से निकालकर एक सशक्त और समृद्ध भारत की आधारशिला रखने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है।

अभियान का उद्देश्य और महत्व

ढिल्लों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता लगातार प्रदर्शित की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश के युवा शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से दृढ़ और सशक्त मूल्यों से प्रेरित हों। उनके अनुसार यह अभियान लाखों युवाओं को नशे की लत छोड़ने और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने के लिए एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।

पंजाब में AAP सरकार पर निशाना

पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP ने सत्ता संभालने के तीन महीने के भीतर नशीली दवाओं के खतरे को समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने में नाकाम रही है।

ढिल्लों ने अपने बयान में कहा कि जहाँ केंद्र सरकार नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए ठोस और निरंतर कदम उठा रही है, वहीं पंजाब में AAP सरकार ठोस परिणाम देने के बजाय केवल प्रचार अभियानों और भ्रामक दावों पर निर्भर है। उन्होंने आगे दावा किया कि राज्य में नशीली दवाओं का नेटवर्क लगातार फैल रहा है, जिससे परिवार तबाह हो रहे हैं और पंजाब के युवाओं का भविष्य खतरे में है।

सन फाउंडेशन की पहल: 5 लाख युवाओं की शपथ

इसी क्रम में, राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपने गैर सरकारी संगठन 'सन फाउंडेशन' के माध्यम से घोषणा की कि वे पंजाब में नशा विरोधी अभियान के तहत 5 लाख युवाओं को नशा न करने की शपथ दिलाएँगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली और पंजाब के विभिन्न कौशल केंद्रों और पुनर्वास केंद्रों से 5,000 युवाओं को 'नशा मुक्त युवा अभियान' के माध्यम से वर्चुअल रूप से जोड़ा जा चुका है।

साहनी ने यह भी बताया कि 'सन फाउंडेशन' पंजाब में 12 नशा मुक्ति केंद्र संचालित कर रहा है, जहाँ योग, ध्यान, व्यायाम, खेल गतिविधियों और आजीविका के लिए कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से नशा पीड़ितों का पूर्ण पुनर्वास किया जा रहा है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बनी हुई है। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लंबे समय से जारी है। 'नशा मुक्त युवा अभियान' की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ज़मीनी स्तर पर पुनर्वास और जागरूकता कार्यक्रम कितने प्रभावी रूप से लागू होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह बयान मूलतः BJP का एक राजनीतिक आक्रमण है — केंद्र की उपलब्धि को ढाल बनाकर AAP-शासित पंजाब को घेरने की कोशिश। पंजाब में नशे की समस्या दशकों पुरानी है और किसी एक सरकार की विफलता तक सीमित नहीं; इसे केवल एक पार्टी के खाते में डालना तथ्यों को सरल बनाना है। असली सवाल यह है कि केंद्र के अभियान में ज़मीनी पुनर्वास ढाँचे, बजटीय प्रावधान और मापने योग्य लक्ष्य क्या हैं — जिनका इस बयान में कोई उल्लेख नहीं। 5 लाख शपथों की संख्या प्रभावशाली लगती है, पर शपथ और दीर्घकालिक पुनर्वास के बीच की खाई को पाटने का रोडमैप अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशा मुक्त युवा अभियान' क्या है?
'नशा मुक्त युवा अभियान' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को नशे की लत से मुक्त करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान जागरूकता, पुनर्वास और कौशल विकास को एकसाथ जोड़ता है।
केवल सिंह ढिल्लों ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने सत्ता संभालते समय तीन महीने में नशे की समस्या खत्म करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े चार साल बाद भी राज्य में नशीली दवाओं का नेटवर्क फैलता जा रहा है। उनके अनुसार सरकार ठोस परिणामों के बजाय केवल प्रचार अभियानों पर निर्भर है।
सन फाउंडेशन पंजाब में क्या कर रहा है?
राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी का गैर सरकारी संगठन 'सन फाउंडेशन' पंजाब में 12 नशा मुक्ति केंद्र चला रहा है। इन केंद्रों में योग, ध्यान, व्यायाम और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से नशा पीड़ितों का पुनर्वास किया जाता है, और अभियान के तहत 5 लाख युवाओं को नशा-मुक्ति की शपथ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान से कितने युवाओं को जोड़ा गया है?
अब तक दिल्ली और पंजाब के विभिन्न कौशल केंद्रों और पुनर्वास केंद्रों से 5,000 युवाओं को 'नशा मुक्त युवा अभियान' के माध्यम से वर्चुअल रूप से जोड़ा जा चुका है। भविष्य में पंजाब के 5 लाख युवाओं को नशा न करने की शपथ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
पंजाब में नशे की समस्या इतनी गंभीर क्यों है?
पंजाब दशकों से नशीली दवाओं की तस्करी और उपयोग की समस्या से जूझ रहा है, जो राज्य की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण और जटिल हो जाती है। यह मुद्दा राज्य में राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है और हर चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनता है।
राष्ट्र प्रेस
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