नशा मुक्त युवा अभियान ऐतिहासिक पहल: पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने की मोदी की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रविवार, 2 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त युवा अभियान' को एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय पहल करार दिया। उनके अनुसार यह अभियान देश के युवाओं को नशे के दुष्चक्र से निकालकर एक सशक्त और समृद्ध भारत की आधारशिला रखने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है।
अभियान का उद्देश्य और महत्व
ढिल्लों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता लगातार प्रदर्शित की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश के युवा शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से दृढ़ और सशक्त मूल्यों से प्रेरित हों। उनके अनुसार यह अभियान लाखों युवाओं को नशे की लत छोड़ने और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने के लिए एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।
पंजाब में AAP सरकार पर निशाना
पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP ने सत्ता संभालने के तीन महीने के भीतर नशीली दवाओं के खतरे को समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने में नाकाम रही है।
ढिल्लों ने अपने बयान में कहा कि जहाँ केंद्र सरकार नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए ठोस और निरंतर कदम उठा रही है, वहीं पंजाब में AAP सरकार ठोस परिणाम देने के बजाय केवल प्रचार अभियानों और भ्रामक दावों पर निर्भर है। उन्होंने आगे दावा किया कि राज्य में नशीली दवाओं का नेटवर्क लगातार फैल रहा है, जिससे परिवार तबाह हो रहे हैं और पंजाब के युवाओं का भविष्य खतरे में है।
सन फाउंडेशन की पहल: 5 लाख युवाओं की शपथ
इसी क्रम में, राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपने गैर सरकारी संगठन 'सन फाउंडेशन' के माध्यम से घोषणा की कि वे पंजाब में नशा विरोधी अभियान के तहत 5 लाख युवाओं को नशा न करने की शपथ दिलाएँगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली और पंजाब के विभिन्न कौशल केंद्रों और पुनर्वास केंद्रों से 5,000 युवाओं को 'नशा मुक्त युवा अभियान' के माध्यम से वर्चुअल रूप से जोड़ा जा चुका है।
साहनी ने यह भी बताया कि 'सन फाउंडेशन' पंजाब में 12 नशा मुक्ति केंद्र संचालित कर रहा है, जहाँ योग, ध्यान, व्यायाम, खेल गतिविधियों और आजीविका के लिए कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से नशा पीड़ितों का पूर्ण पुनर्वास किया जा रहा है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बनी हुई है। गौरतलब है कि केंद्र और राज्य के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लंबे समय से जारी है। 'नशा मुक्त युवा अभियान' की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ज़मीनी स्तर पर पुनर्वास और जागरूकता कार्यक्रम कितने प्रभावी रूप से लागू होते हैं।