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नशा मुक्त युवा अभियान को जयशंकर का समर्थन, बोले — नशामुक्त युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की नींव

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नशा मुक्त युवा अभियान को जयशंकर का समर्थन, बोले — नशामुक्त युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की नींव

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी के 100-सप्ताह के नशा विरोधी अभियान को विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर खुला समर्थन दिया। 2 अगस्त को लॉन्च इस अभियान से 28,000 से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े — काशी के पायलट से राष्ट्रीय जनआंदोलन तक का सफर।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 3 अगस्त 2025 को एक्स पर पोस्ट कर 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' का दृढ़ समर्थन किया।
PM नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
देशभर के 28,000 से अधिक स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवा लॉन्च कार्यक्रम से जुड़े।
अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष काशी से पायलट परियोजना के रूप में हुई; अब 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन इससे जुड़े हैं।
अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को खेल, योग, कला और ध्यान गतिविधियों के ज़रिए युवाओं को जोड़ा जाएगा।
अभियान का लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में नशामुक्त 'अमृत पीढ़ी' की भूमिका सुनिश्चित करना है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 3 अगस्त 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने इस 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान को देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल बताया।

जयशंकर का संदेश

जयशंकर ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि वे इस अभियान के आह्वान का दृढ़ता से समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश के युवाओं को सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प को दर्शाता है। उनके अनुसार, भारत के युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति हैं और एक नशामुक्त, स्वस्थ तथा आत्मविश्वासी युवा पीढ़ी ही देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकती है।

अभियान का शुभारंभ

इससे एक दिन पहले, 2 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में देशभर के 28,000 से अधिक स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े। प्रधानमंत्री ने इसे केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की सामूहिक प्रतिबद्धता बताया।

अभियान की पृष्ठभूमि और विस्तार

गौरतलब है कि इस अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष काशी से एक पायलट परियोजना के रूप में हुई थी। काशी घोषणा के तहत 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों और अनेक गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से यह जनआंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवाओं के बीच नशे की लत एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनती जा रही है।

अभियान की कार्ययोजना

प्रधानमंत्री ने बताया कि अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को कला, संस्कृति, खेल, योग और ध्यान जैसी गतिविधियों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। नशा विरोधी शपथ लेने वाले युवाओं से आह्वान किया गया कि वे अपने विद्यालयों, महाविद्यालयों और समुदायों में नशामुक्त जीवन का संदेश फैलाएँ।

विकसित भारत से जुड़ाव

प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत की 'अमृत पीढ़ी' बताते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा, नवाचार और प्रतिभा ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के व्यापक हितों से जुड़ा हुआ है। शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और नशीले पदार्थों से मुक्त युवा पीढ़ी को विकसित भारत की अनिवार्य शर्त बताया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक करोड़ युवाओं की उपस्थिति और 28,000 स्थानों का आँकड़ा प्रभावशाली है, असली कसौटी यह होगी कि 100 सप्ताह बाद नशे की लत में मापनीय गिरावट आती है या नहीं। काशी पायलट के परिणामों का कोई सार्वजनिक मूल्यांकन अब तक सामने नहीं आया है, जो इस राष्ट्रीय विस्तार की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। जयशंकर जैसे वरिष्ठ मंत्रियों का समर्थन इसे कूटनीतिक और सामाजिक दोनों मोर्चों पर सरकार की प्राथमिकता के रूप में स्थापित करता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अगस्त 2025 को शुरू किया गया 100-सप्ताह का राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है। अभियान में खेल, योग, कला और ध्यान के माध्यम से हर रविवार युवाओं को जोड़ा जाएगा।
जयशंकर ने इस अभियान का समर्थन क्यों किया?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह अभियान युवाओं को सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प को दर्शाता है। उनके अनुसार नशामुक्त, स्वस्थ और आत्मविश्वासी युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है।
इस अभियान की शुरुआत कहाँ से हुई थी?
इस अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष काशी से एक पायलट परियोजना के रूप में हुई थी। काशी घोषणा के तहत 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों और अनेक गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से इसे अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया गया है।
अभियान के लॉन्च में कितने युवा शामिल हुए?
2 अगस्त को हुए औपचारिक शुभारंभ में देशभर के 28,000 से अधिक स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम को संबोधित किया।
अभियान का विकसित भारत 2047 से क्या संबंध है?
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को 'अमृत पीढ़ी' बताते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और नवाचार ही 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेगी। नशामुक्त और स्वस्थ युवा पीढ़ी को इस राष्ट्रीय लक्ष्य की अनिवार्य शर्त बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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